राज्य के कई जिलों में SIR का काम नियमानुसार नहीं किया जा रहा है। यह शिकायत मिलने के बाद अब चुनाव आयोग 12 अतिरिक्त रोल ऑब्जर्वरों को राज्य में भेजने वाला है। इन रोल ऑब्जर्वरों का काम इस बात की जांच करना है कि SIR के सभी कार्यों में नियमों का सटीकता के साथ पालन किया जाए और राज्य में चल रहे SIR के काम में कोई भ्रष्टाचार न हो।
बता दें, चुनाव आयोग ने इससे पहले भी SIR के कार्यों की जांच के लिए रोल ऑब्जर्वरों की नियुक्ति की थी।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से SIR को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं। लगभग हर दिन BLO के बीमार पड़ने या फिर मौत की खबरें आ रही हैं। SIR में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लगभग हर दिन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम आदि हो रहा है। अब चुनाव आयोग ने इन घटनाओं को रोकने के लिए राज्य में 12 और रोल ऑब्जर्वर भेजने का फैसला लिया है।
कौन से 12 लोगों को रोल ऑब्जर्वर बनाया गया है?
जानकारी के मुताबिक जिन 12 लोगों को रोल ऑब्जर्वर बनाया गया है उनमें शामिल हैं -
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव IAS प्रसन आर
संयुक्त सचिव IAS गया प्रसाद
व्यक्तिगत प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव पी बाला किरण
फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के संयुक्त सचिव रवि शंकर
नेशनल मेडिकल कमीशन के सचिव राघव लंगर
विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा
पोर्ट्स एंड शिपिंग विभाग सचिव IAS वेंकटेसपति
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव वी किरण गोपाल
सचिव हर्ष मंगला
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के CEO नंद कुमारम
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के संयुक्त सचिव देवेश देवल
वाणिज्य विभाग के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस की अतिरिक्त CEO निशिता उपाध्याय
राज्य में SIR को लेकर हाल की स्थिति देश भर में चर्चा का विषय बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लॉजिकल गड़बड़ियों की पूरी सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से लिए गए दस्तावेजों के लिए रसीदें भी देनी चाहिए। कुल मिलाकर राज्य में SIR की स्थिति खराब होती जा रही है। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि नए रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति से स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।