नई दिल्ली: राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का दावा है कि ग्रामीण रोज़गार योजना मनरेगा के तहत पश्चिम बंगाल का केंद्र सरकार पर लगभग 52,000 करोड़ रुपये बकाया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से इस बकाया राशि का भुगतान किए बिना ही केंद्र सरकार ने एकतरफा फैसला लेते हुए नई ग्रामीण रोज़गार योजना से जुड़ा कानून ‘वीबी-जीरामजी’ बना दिया है। तृणमूल ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
इसके जवाबी कदम के तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी खुद की ग्रामीण रोज़गार योजना ‘कर्मश्री’ का नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर ‘महात्माश्री’ कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय विरोध के चलते केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि निकट भविष्य में नया केंद्रीय कानून पश्चिम बंगाल में लागू हो पाएगा या नहीं। इसी बीच सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगले वित्त वर्ष से ‘वीबी जी राम जी’ योजना पूरे देश में लागू कर दी जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान का दावा है कि पश्चिम बंगाल में भी इस नई योजना को लागू करने में कोई समस्या नहीं होगी। हालांकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य में राजनीतिक बदलाव की उम्मीद के चलते ही मंत्री बंगाल में ‘वीबी-जीरामजी’ योजना को लेकर इतने आश्वस्त हैं? इस सवाल पर मंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।