बेंगलुरु: एक पिता के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि उसकी बेटी गोल्ड स्मगलिंग जैसे गंभीर अपराध में सलाखों के पीछे हो, लेकिन उससे भी बड़ा शर्मनाक मंजर तब सामने आता है जब उस पिता की अपनी ही मर्यादा तार-तार हो जाए। कर्नाटक की जानी-मानी एक्ट्रेस रान्या राव पहले से ही सोने की तस्करी के दाग झेल रही हैं। अब उनके पिता और डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव खुद एक बेहद अश्लील विवाद के भंवर में फंस गए हैं। जब रान्या के भविष्य पर काले बादल मंडरा रहे हैं, ठीक उसी वक्त सरकारी चेंबर के भीतर से आई पिता की रंगीन तस्वीरों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह कहानी केवल एक विवाद की नहीं बल्कि उस टूटते भरोसे की है जिसे समाज अपनी सुरक्षा की ढाल मानता था। वीडियो में अधिकारी अपनी आधिकारिक वर्दी में सरकारी चेंबर के भीतर महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे की छवि को धूमिल किया है बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि अधिकारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी साजिश बताया है।
वर्दी में रोमांस
वायरल वीडियो ने प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है। खबरों के मुताबिक यह वीडियो चुपके से रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। इसमें कथित तौर पर DGP रैंक के अधिकारी रामचंद्र राव को ड्यूटी के दौरान अपने ऑफिस में अलग-अलग महिलाओं को गले लगाते और चूमते हुए देखा जा सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब तब हो रहा था जब सरकारी कामकाज का समय था और अधिकारी अपनी वर्दी में थे। वीडियो में महिलाएं अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग पहनावे में दिख रही हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नाराज
इस वीडियो के सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को इस मामले की पूरी ब्रीफिंग दी गई है। सूत्रों का कहना है कि वीडियो देखने के बाद मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं और उन्होंने संबंधित विभाग से कड़ी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि पुलिस विभाग के इतने ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति सरकारी चेंबर के भीतर ऐसी गतिविधियों को अंजाम कैसे दे सकता है ? विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है और तत्काल निलंबन की मांग कर रहा है।
‘मुझे फंसाया जा रहा है’
आरोपों के घेरे में आए IPS अधिकारी रामचंद्र राव ने इसे अपने खिलाफ एक गहरी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, “यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किया हुआ) है। लोग मुझे निशाना बना रहे हैं।” राव ने तर्क दिया कि वह 8 साल पहले बेलगावी में तैनात थे और अब इतने पुराने समय की बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में अपने वकील से सलाह ली है और गृह मंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है। अधिकारी का कहना है कि बिना जांच के उन्हें दोषी ठहराना गलत है और वह इस साजिश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
जांच के घेरे में साख
रामचंद्र राव वही अधिकारी हैं जिनके बेटे रान्या राव पर पहले से ही गोल्ड स्मगलिंग के आरोप लग चुके हैं। अब पिता का यह कथित वीडियो सामने आने से परिवार और विभाग दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हालांकि, अभी तक इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि महिलाओं के साथ कोई जबरदस्ती की गई थी, लेकिन एक सरकारी कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोप उन पर भारी पड़ रहे हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस मामले में विभागीय जांच के आदेश देती है या अधिकारी की ‘साजिश’ वाली दलील को स्वीकार करती है।