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कोलकाता की हवा हुई 'जहरीली' : हाई कोर्ट ने खुद संज्ञान लेने के बाद किया मामला दर्ज

पहले दिल्ली और मुंबई में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्रमशः सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने खुद ही संज्ञान लेने के बाद मामला दर्ज किया था।

By Moumita Bhattacharya

Jan 20, 2026 16:23 IST

कोलकाता की हवा जहरीली हो चुकी है। प्रदूषण की बढ़ती मात्रा ने पर्यावरणविदों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसी स्थिति में अब कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) में खुद संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायाधीश पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ में सोमवार को जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र को पत्र लिखा है।

कोर्ट ने बताया कि केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल का पत्र भी मिला है। बताया जाता है कि मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी, जब इस मामले के सभी पक्षों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

इससे पहले दिल्ली और मुंबई में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्रमशः सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने खुद ही संज्ञान लेने के बाद मामला दर्ज किया था। अब उसी रास्ते पर कलकत्ता हाई कोर्ट भी बढ़ रही है।

कोलकाता में बढ़ रहे प्रदूषण की मात्रा को लेकर जो जनहित याचिका दायर हुई है उसमें वकील आकाश शर्मा ने तथ्यों के साथ बताया है कि पिछले 2 जनवरी को कोलकाता के AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के मुताबिक कोलकाता की हवा 'बहुत खराब' से 'खतरनाक' (करीब 330-350) बताया गया है जबकि उसी दिन दिल्ली का AQI करीब 200 बताया गया।

बात अगर मुंबई के AQI की करें तो उस दिन 220 दर्ज किया गया था। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता की दलील है कि उस दिन (2 जनवरी) को देश के दूसरे शहरों की तुलना में कोलकाता में हवा की गुणवत्ता काफी ज्यादा खराब थी। मीडिया रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के हवाले से बताया गया है कि उन्होंने हाई कोर्ट से मांग की है कि कोलकाता-हावड़ा समेत आसपास के बड़े शहरों में ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान को लागू करने का आदेश दे।

स्पेशलिस्ट एयरशेड टास्क फोर्स का गठन, खुली जगहों पर कचरों को जलाने आदि पर कठोरता के साथ पाबंदी लगायी जाए। इसके अलावा वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पुरानी गाड़ियों को क्रमबद्ध तरीके से स्क्रैप करना, अंतर्राज्य डीजल बसों को नियंत्रित करना और जिस दिन AQI ज्यादा हो, उस दिन स्कूल व अस्पतालों के लिए अनिवार्य तौर से चेतावनी व जनस्वास्थ्य निर्देशिका को जारी करने का आवेदन किया गया है।

बात अगर आज की करें तो अभी भी कोलकाता और हावड़ा की हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा के लगभग सभी इलाकों का AQI 'खराब' पाया गया। कोलकाता और हावड़ा में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, घुसुड़ी और पद्म पुकुर का AQI गंभीर श्रेणी का दर्ज हुआ। यहां AQI 300 से ऊपर बना हुआ है।

कोलकाता के विभिन्न इलाकों का AQI -

बालीगंज - AQI 298 (खराब)

फोर्ट विलियम्स - AQI 259 (खराब)

जादवपुर - AQI 295 (खराब)

रवींद्र भारती विश्वविद्यालय - AQI 346 (गंभीर)

विक्टोरिया मेमोरियल - AQI 257 (खराब)

हावड़ा के विभिन्न इलाकों का AQI -

बेलुर मठ - AQI 268 (खराब)

बोटैनिकल गार्डन - AQI 210 (खराब)

दासनगर - AQI 228 (खराब)

घुसुड़ी - AQI 350 (गंभीर)

पद्मपुकुर - AQI 308 (गंभीर)

(20 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजे CPCB से मिली जानकारी के आधार पर)

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