बेलडांगा में फिर से अशांति और तनाव न फैले, इस बात को सुनिश्चित करने के लिए अगर जरूरत हुआ तो केंद्रीय बल को भी उतारा जा सकता है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने यह सलाह दी है। बेलडांगा को लेकर दायर इस मामले में मंगलवार को राज्य सरकार को मौखिक रूप से हाई कोर्ट ने सलाह दी है।
हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की खंडपीठ ने मौखिक रूप से जानकारी दी है कि शमशेरगंज में तनाव के बाद अभी तक वहां 5 कंपनी केंद्रीय बल के जवानों को तैनात किया गया है।
खंडपीठ ने कहा कि उसी वाहिनी को बेलडांगा में काम में लगाया जा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर जरूरत हुई तो केंद्र इस बारे में भी कदम उठा सकता है। दोपहर 2 बजे इस मामले की दोबारा सुनवाई शुरू हुई। गौरतलब है कि गत 16 जनवरी को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हंगामा मच गया था। 17 जनवरी को भी वहां काफी हंगामा मचा था। उस घटना को केंद्र कर सोमवार यानी 19 जनवरी को कलकत्ता हाई कोर्ट में दो जनहित याचिका दायर की गयी।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में तनाव को लेकर हाई कोर्ट ने केंद्रीय वाहिनी को तैनात करने का आदेश दिया है। इस बार भी ऐसा ही कुछ किया जाए। अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से सलाह देते हुए कहा कि अगर जरूरत हुई तो तनाव को कम करने के लिए केंद्रीय बल के जवानों को उतारा जा सकता है। इस मामले में शमशेरगंज में जिस वाहिनी को तैनात किया गया है, उसे काम में लाया जा सकता है।