भुवनेश्वर : इस सर्दी में ओडिशा के संबलपुर जिला स्थित हीराकुड जलाशय में 4.21 लाख से ज्यादा पक्षी पहुंचे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले बड़ी बढ़ोतरी है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार हीराकुड वन्यजीव प्रभाग की डीएफओ अंशु प्रज्ञा दास ने मंगलवार को पक्षियोंकी कुल गणना बतायी।उन्होंने कहा कि पावर चैनल क्षेत्र से छत्तीसगढ़ सीमा तक फैले 5.72 वर्ग किलोमीटर इलाके में हुई पक्षी गणना के दौरान 128 प्रजातियों के कुल 4 लाख 21 हजार 763 पक्षी दर्ज किए गए। इनमें पांच नई प्रजातियां भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा संख्या में पाए गए पक्षियों में टफ्टेड डक 71 हजार 273, लेसर व्हिसलिंग डक 60 हजार 987 और कॉमन कूट 51 हजार 665 शामिल हैं।गणना के दौरान जिन पांच नई प्रजातियों को देखा गया वे हैं रडी क्रेक, ग्रेटर पेंटेड-स्नाइप, पेंटेड स्टॉर्क, लिटिल गल और सैंडरलिंग।
हीराकुड जलाशय क्षेत्र में वार्षिक मिड-विंटर वॉटरफाउल जनगणना- 2026, 18 जनवरी को आयोजित की गई थी। इस सर्वे में पक्षी विशेषज्ञों, वन अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों और स्कूली छात्रों समेत कुल 93 लोगों ने भाग लिया।
हर साल नवंबर से मार्च के बीच कैस्पियन सागर, बैकाल झील, अराल सागर, मंगोलिया, मध्य और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा हिमालय क्षेत्र से हजारों प्रवासी पक्षी हीराकुड जलाशय को अपना ठिकाना बनाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पिछली सर्दियों में जलाशय में 122 प्रजातियों के 3.77 लाख से अधिक पक्षी देखे गए थे। वहीं 2024 में 113 प्रजातियों के करीब 3.42 लाख पक्षी दर्ज किए गए थे।