कोलकाताः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में रेल और वॉटरवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 830 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए। साथ ही उन्होंने कोलकाता को दिल्ली, वाराणसी और चेन्नई से जोड़ने वाली तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें हरी झंडी दिखाकर शुरू कीं। हुगली जिले के सिंगूर और बालागढ़ में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार ने साफ संदेश दिया कि राज्य में संपूर्ण कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुधार उसके विकास एजेंडे का अहम हिस्सा हैं।
रेल कनेक्टिविटी का रणनीतिक महत्व
जयरामबाटी-बरगोपीनाथपुर-मयनापुर रेलवे लाइन का उद्घाटन और मयनापुर से जयरामबाटी तक ट्रेन संचालन स्थानीय और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लाइन से बांकुरा और आसपास के इलाकों की रेल नेटवर्क मजबूती पाएगी।
यह पहल केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मोदी के अनुसार, “कम्युनिकेशन सिस्टम बेहतर होगा तो इंडस्ट्री और ट्रेड को फायदा मिलेगा, जिससे आम लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।” यह स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास का माध्यम बनाने की रणनीति अपनाई है।
इनलैंड वॉटरवे और बालागढ़ पोर्ट टर्मिनल
हुगली जिले के बालागढ़ में एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम के तहत इनलैंड वॉटरवे टर्मिनल और रोड ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 900 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 2.7 मिलियन टन होगी। इसका उद्देश्य है शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचते हुए तेज और कुशल माल परिवहन सुनिश्चित करना।
विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट न केवल लॉजिस्टिक्स और ट्रेड में सुधार करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक अवसर भी पैदा करेगा।
अमृत भारत एक्सप्रेस: यात्री और व्यापार दोनों के लिए लाभ
तीन नई अमृत भारत ट्रेनें हावड़ा-आनंद विहार, सियालदह-वाराणसी और सांतरागाछी-तांबरम रूट पर चलेंगी। यह कदम केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि तेज और आधुनिक ट्रेन सेवाओं से यात्रियों को आराम मिलेगा और राज्य का रेलवे नेटवर्क अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धात्मक बनेगा। साथ ही, यह रेल नेटवर्क क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए भी स्ट्रेटेजिक बैकबोन साबित होगा।