चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने मंगलवार को राज्य में विभिन्न एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के दौरान छात्रों को कृपाण ले जाने और मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी है। यह अनुमति कड़े दिशानिर्देशों के तहत दी गई है।
सिख छात्रों और विवाहित महिला उम्मीदवारों को अक्सर परीक्षाओं में कृपाण और मंगलसूत्र से संबंधित समस्याएं होती है। इन समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार परीक्षाओं में शामिल सिख छात्रों और उम्मीदवारों को कृपाण ले जाने की अनुमति होगी, लेकिन निर्धारित सीमाओं के तहत।
कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच (22.86 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ब्लेड की लंबाई 6 इंच (15.24 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ऐसे उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटे पहले पहुंचें। साथ ही मंगलसूत्र पहनने वाली विवाहित महिला उम्मीदवारों को भी परीक्षा के दौरान इसे पहनने की अनुमति दी गई है। उन्हें भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचें।
यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ परीक्षा संचालन में सुविधा बनाए रखने पर जोर दिया है।
सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने नियंत्रण में आने वाले विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों के प्रमुखों को निर्देश दें।जिससे परीक्षा स्टाफ, निगरानी कर्मी और सुरक्षा कर्मियों को सही जानकारी दी जा सके।