फलताः फलता विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) ने इस परिणाम को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
आसनसोल और पुरुलिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने कहा कि अगर चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और बिना डर के होते हैं, तो जनता का फैसला अलग होता है। उनके अनुसार इस बार लोगों ने खुलकर अपना मत दिया है।
‘जनता की जीत’ बताकर टीएमसी पर निशाना
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि फलता की जीत सिर्फ एक राजनीतिक परिणाम नहीं, बल्कि जनता, महिलाओं और लोकतंत्र की जीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कुछ क्षेत्रों में भय का माहौल बनाकर राजनीति की जा रही थी। उनका कहना था कि इस बार मतदाताओं ने बिना किसी दबाव के अपने अधिकार का उपयोग किया।
‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर गंभीर आरोप
भाजपा नेता ने अपने बयान में ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का उल्लेख करते हुए अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) और टीएमसी पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के चुनावों में बूथ कब्जा, दबाव और हिंसा जैसे आरोप लगते रहे हैं। उनके मुताबिक इस बार माहौल बदला और लोगों ने स्वतंत्र रूप से मतदान किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब जनता में डर खत्म हो रहा है और लोग खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।
अवैध निर्माण और भाजपा सांसद की प्रतिक्रिया
कोलकाता में चल रही अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई का जिक्र करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य में लंबे समय से बिना अनुमति के इमारतें, दुकानें और पार्टी कार्यालय बनाए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह राजनीतिक संरक्षण में ऐसे निर्माण हुए हैं। प्रशासन की ओर से अब नोटिस देकर दस्तावेज दिखाने का अवसर दिया जा रहा है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इसी बीच भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जीत पहले से अनुमानित थी और यह जनता के डरमुक्त होकर मतदान करने का परिणाम है।
फलता उपचुनाव के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे भयमुक्त मतदान की जीत बता रही है, जबकि टीएमसी पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा और भी राजनीतिक रूप ले सकता है।