कोलकाता के न्यूटाउन में ग्लोबल कैंसर कंसोर्टियम 2026 का छठा अंतरराष्ट्रीय कैंसर सम्मेलन और 15वां पूर्वी क्षेत्रीय ऑन्कोलॉजी संगोष्ठी आयोजित किया गया। इसे इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सहयोग से सरोज गुप्ता कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोलकाता में आयोजित किया गया।
कैंसर-मुक्त दुनिया बनाने की दिशा में कैंसर वैज्ञानिक और डॉक्टर सभी एक साथ आए। पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर माइकल जी. फ्रेडले ने बताया कि AI की मदद से कैंसर की पहचान अब आसान हो गई है। कीमोथेरेपी के अलावा अन्य तरीकों से भी हम कैंसर-मुक्त और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।
पूरा सम्मेलन को ठाकुरपुकुर स्थित डॉ. सरोज गुप्ता कैंसर अस्पताल और इसके प्रमुख डॉ. अर्णव गुप्ता के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन दुनिया के अलग-अलग देशों से कैंसर विशेषज्ञ आए हैं और अपनी नई सोच और इलाज के नए तरीकों को साझा किया।
सम्मेलन के दौरान यह भी बताया गया कि AI तकनीक के अच्छे पहलू भी हैं। कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने में AI बहुत प्रभावी भूमिका निभा रहा है। कीमो थेरेपी के बिना भी कैंसर ठीक हो सकता है इस तरफ भी कई विशेषज्ञ शोध कर रहे हैं।
सम्मेलन में देश-विदेश के जिन डॉक्टरों व वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया उनमें शामिल है - सुमोहन चटर्जी, कंसल्टेंट रिकंस्ट्रक्टिव ब्रेस्ट सर्जन और मानद सीनियर लेक्चरर, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर; नाइटिंगेल और जेनेसिस ब्रेस्ट कैंसर सेंटर, यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ साउथ मैनचेस्टर।
इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों से डॉ. पंकज चतुर्वेदी, निदेशक, ACTREC, टीएमसी, मुंबई ; डॉ. सुदीप गुप्ता, निदेशक, टीएमसी, मुंबई ; डॉ. शैलेश श्रीखंडे, निदेशक, टीएमएच और डॉ. दीप्तेंद्र सरकार, आईपीजीएमईआर, कोलकाता की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।