कोलकाता का शहरी क्षेत्र हो या उत्तर बंगाल का पहाड़ी इलाका अथवा बांकुड़ा के घने जंगल वाले क्षेत्र! हर जगह जीवन की पहली बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक परीक्षार्थियों में उत्साह और डर दोनों का मिलाजुला असर ही नजर आ रहा है। ऐसी स्थिति में जीवन की पहली बोर्ड परीक्षा के रास्ते में जहां भी परीक्षार्थी किसी समस्या में पड़ रहे हैं तो स्थानीय पुलिस प्रशासन से लेकर वन विभाग के अधिकारी तक उनकी मदद के लिए तत्पर नजर आ रहे हैं।
झारग्राम और विधाननगर में पुलिस की 'बाइक सर्विस'
परीक्षा देने जाते समय अगर किसी परीक्षार्थी को गाड़ी या यातायात के साधन पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हो तो माध्यमिक के ऐसे परीक्षार्थियों की मदद के लिए तुरंत पुलिस मददगार बनकर हाजिर हो रही है। पुलिस कर्मी अपनी बाइक से ऐसे परीक्षार्थियों को उनके परीक्षाकेंद्र तक पहुंचा दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल भी पुलिस की ओर से मदद का हाथ माध्यमिक के परीक्षार्थियों के लिए बढ़ाया गया था। इस साल पुलिस के पास इस काम के लिए 6 बाइक तैनात हैं।
कुछ ऐसा काम विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस भी माध्यमिक परीक्षार्थियों की मदद के लिए कर रही है। अम्बिका गर्ल्स स्कूल की एक परीक्षार्थी को स्कूल परिसर में प्रवेश करते समय पता चला कि वह अपना एडमिट कार्ड ही घर पर भूल आयी है। तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ASI समीर दास बाइक से छात्रा के घर रवाना हुए। वहां से उसके दस्तावेज लिए और वापस सही समय पर स्कूल (परीक्षाकेंद्र) पहुंचा दिया। इस बात की जानकारी विधाननगर सिटी पुलिस की ओर से अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर दी गयी है।
Ei Samay परीक्षार्थियों की मदद के लिए वन विभाग का 'ऐरावत' तैनात
माध्यमिक परीक्षार्थियों को सुरक्षित रूप से और वन्य जीवों के आक्रमण से बचाने के लिए विभिन्न जिलों में वन विभाग ने विशेष पहल की है। सोमवार को माध्यमिक परीक्षा के पहले दिन मिदनापुर के गुड़गुड़ीपाल, नयाग्राम जंगल से सटे इलाके में वन विभाग का 'ऐरावत' गाड़ी तैनात किया गया था। इस गाड़ी से परीक्षार्थियों को जंगली इलाका पार करवाया जा रहा है ताकि हाथी व अन्य वन्य प्राणियों के हमले का कोई खतरा न हो।