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चिकन रोल से लेकर मूंग के लड्डू तक, स्ट्रीट फूड में पायी गयी 20% मिलावट

कोलकाता नगर निगम (KMC) के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने उत्तर व मध्य कोलकाता में लगभग 14 किलोमीटर लंबा अभियान चलाया।

By Anirban Ghosh, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 03, 2026 16:15 IST

स्ट्रीट फूड खाना किसे पसंद नहीं होता है! चिकन रोल हो या मूंग के लड्डू, नॉन वेज का कोई आइटम हो या वेज सैंडवीच अथवा खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला हल्दी पाउडर ही क्यों न हो हर जगह पर मिलावट का ही बोलबाला है। कोलकाता नगर निगम (KMC) के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने उत्तर व मध्य कोलकाता में लगभग 14 किलोमीटर लंबा अभियान चलाया और मिलावटी भोजन व मसाले जब्त किया। इस पहल को नाम दिया गया 'फूड सेफ्टी ऑन ह्वील्स' वैन।

राज्य के खाद्य सुरक्षा कमिश्नर के आदेश पर KMC के खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछली शुक्रवार को मोचीबाजार और मछुआ बाजार इलाके में एक विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान में खराब गुणवत्ता वाले भोजन के सबूत मिले जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया। यहां तक कि महानगर के कॉलेज स्ट्रीट में मौजूद प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कॉफी हाउस में भी स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की हिदायत दी गयी है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम शुक्रवार की शाम को मोचीबाजार इलाके में FSW वैन लेकर विशेष अभियान पर पहुंची। करीब 14 किलोमीटर के दायरे में 15 खाद्य व्यवसायी संस्थान (FBO) का जायजा लिया गया। वहां से भोजन के 31 नमूने लेकर मौके पर ही वैन में उनकी जांच की गयी। बताया जाता है कि जांच में 6 ऐसे नमूने रहे जो गुणवत्ता की जांच में सफल नहीं हो पाए।

जो नमूने असफल हुए उनमें शामिल हैं - चिकन रोल का स्टफिंग (1.5 किलो), 3 अलग-अलग दुकानों से लिए गए हल्दी के नमूने (कुल 1.8 किलो), मूंग दाल के लड्डू (3.5 किलो) और चिकन मसाला (कसा) (2 किलो)।

अधिकारियों का मानना है कि इन नमूनों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि इन्हें खाना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। जब्त की गयी खाद्य सामग्रियों को नष्ट कर दिया गया। अभियान के साथ-साथ इलाके में जागरुकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कुल 10 जागरुकता अभियान में करीब 30 खाद्य पदार्थ विक्रेता और उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया।

इसके अलावा 20 लोगों को लेकर एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भी किया गया। खाद्य सुरक्षा से संबंधित जानकारियों वाला लिफ्लेट वितरित कर विक्रेताओं और आम जनता में जागरुकता जगाने की कोशिश की गयी।

अभियान के अंत में खाद्य विक्रेताओं को कुछ हिदायतें भी दी गयी। खाना पकाने से लेकर परोसने तक में साफ-सफाई बरतने और स्वास्थ्य संबंधित सभी नियमों का पालन करने, पके हुए और अधपके भोजन को ढंक कर रखना, प्रत्येक स्टॉल के बगल में ढक्कन वाले कुड़ेदान को रखना अनिवार्य किया गया है।

साथ ही खुले मसाले और ऐसे कृत्रिम रंग जिनका अनुमोदन नहीं दिया गया है, उनका इस्तेमाल न करने, पेय जल का संरक्षण करने के लिए फुड ग्रेड वाले ढक्कन व टैप समेत बर्तन का इस्तेमाल करने और एक बार इस्तेमाल हो चुके तेल का बार-बार इस्तेमाल न करने के बारे में सतर्क भी किया गया।

सोमवार को राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने बताया कि स्ट्रीट फुड की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। KMC के उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और फुड सेल के लिए जिम्मेदार अधिकारी तरुण सांपुई का कहना है कि KMC की ओर से दो गाड़ियों से हम इस प्रकार का अभियान नियमित रूप से चलाते हैं। अगर कहीं खराब गुणवत्ता वाली स्ट्रीट फुड का पता चलता है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाता है। कई बार कुछ नमूना को लैब भी भेजा जाता है।

उक्त अधिकारी ने बताया कि कॉलेज स्ट्रीट में कॉफी हाउस में ऐसा ही अभियान चलाया गया। वहां कुछ सलाह भी दी गयी लेकिन वहां की फ्रीज में संरक्षित प्रोसेस्ड फूड की गुणवत्ता संतोषजनक पायी गयी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि महानगर के विभिन्न इलाकों में इस तरह का अभियान भविष्य में भी चलाया जाएगा।

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