🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

ED की तलाशी में मुख्यमंत्री ने कोई बाधा नहीं दी थी - I-PAC मामले में राज्य का हलफनामा, ED ने मांगा समय

राज्य सरकार द्वारा जमा किए गए हलफनामा का जवाब देने के लिए केंद्र के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अतिरिक्त समय की मांग की है।

By Arindam Bandyopadhyay, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 03, 2026 15:12 IST

सुप्रीम कोर्ट में I-PAC कांड में ED द्वारा दायर मामले की सुनवाई टल गयी है। पिछले कुछ दिनों में राज्य और उसके अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा जमा दिया था। मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा जमा किए गए हलफनामा का जवाब देने के लिए केंद्र के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अतिरिक्त समय की मांग की है। इसके बाद ही मामले की सुनवाई को टाल दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होना निर्धारित किया गया है।

चुनाव की रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC के ऑफिस में ED की तलाशी अभियान के समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ FIR दायर करने की अनुमति मांगते हुए एनफोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी बार गत 15 जनवरी को सुनवाई का नोटिस जारी कर राज्य सरकार समेत अन्य सभी पक्षों से जवाब तलब किया था। उसके आधार पर ही राज्य की ओर से 34 पन्नों का हलफनाम जमा किया गया।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश पी के मिश्र और न्यायाधीश ए वी अंजारिया की खंडपीठ में राज्य के वकील ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने कोई दस्तावेज नहीं छीना था। ED के अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही कुछ संवेदनशील दस्तावेज लेकर वह वापस लौट आयी थीं। राज्य सरकार द्वारा दाखिल हलफनामा में भी दावा किया गया है कि ED की तलाशी में मुख्यमंत्री ने कोई बाधा नहीं डाली थी।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपनी दलील में कहा है कि ED ने जिस प्रकार से I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट घर और सॉल्टलेक सेक्टर 5 स्थित कंपनी के ऑफिस में एकतरफा तलाशी अभियान चलाने का फैसला लिया था, ऐसा वे नहीं कर सकते हैं। राज्य सरकार ने सवाल उठाते हुए कहा कि ED के अनुरोध की कोई स्वीकार्यता नहीं है। इसके बाद ही इस हलफनामा का जवाब देने के लिए ही ED ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसके बाद सुनवाई को 10 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया है।

गौरतलब है कि I-PAC कांड के इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा राज्य पुलिस के तत्कालीन डीजी राजीव कुमार और हाल ही में रिटायर हुए कोलकाता पुलिस के पूर्व सीपी मनोज वर्मा समेत कई लोगों को एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट ने आरोपी बनाया है।

पिछली सुनवाई के दौरान ED की ओर सवाल उठाते हुए केंद्र के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया था कि कोयला तस्करी के मामले में I-PAC के ऑफिस में तलाशी लेने के लिए ED पहुंची थी। हमने स्थानीय थाना में पहले ही ई-मेल के माध्यम से तलाशी और जांच की जानकारी दे दी थी। इसके साथ राजनीति का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गयी।

Prev Article
बेहला के हाउसिंग सोसायटी से करोड़ों रुपए की चोरी के मामले में एक स्थानीय छात्र गिरफ्तार
Next Article
बालीगंज स्टेशन फ्लाईओवर से ट्रेन पर कूदा युवक, झूलसा, सेवा बाधित

Articles you may like: