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अंतिम पड़ाव पर पहुंची SIR की सुनवाई की प्रक्रिया - चुनाव आयोग में जमा हुआ 7 लाख नए मतदाताओं का फॉर्म

अगले 3-4 दिनों में अधिकांश जिलों में SIR की सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

By Moumita Bhattacharya

Feb 03, 2026 18:40 IST

चुनाव आयोग को अब तक मतदाता सूची में नए सिरे से अपना नाम शामिल करवाने के लिए 7 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इस बात का खुलासा पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया। मीडिया रिपोर्ट में उक्त अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि चुनाव आयोग के पास अब तक करीब 7.4 लाख लोगों ने फॉर्म 6/6A जमा किया है जो SIR का ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद बतौर नया मतदाता अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना चाहते हैं।

TOI की मीडिया रिपोर्ट में उक्त अधिकारी के हवाले से बताया गया कि 17 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 के बीच ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से हमें 7,44,277 फॉर्म 6/6A मिल चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इसी समयकाल के दौरान हमें 31,207 फॉर्म 7 और 3,44,690 फॉर्म 8 भी प्राप्त हुए हैं।

बता दें, फॉर्म 7 का इस्तेमाल उन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए किया जाता है जिनकी या तो मृत्यु हो चुकी हो या फिर किसी कारणवश पता बदल गया हो। वहीं फॉर्म 8 का उपयोग अपडेटेड रिप्लेसमेंट के साथ EPIC प्राप्त करने या फिर दिव्यांगों के मार्किंग के लिए आवेदन करने के लिए किया जाता है।

चुनाव आयोग के उक्त अधिकारी का दावा है कि SIR की सुनवाई की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। यह अगले 3-4 दिनों में अधिकांश जिलों में पूरी हो जाएगी। हालांकि कुछ जिले जैसे मालदह, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना में सुनवाई की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों में पूरी नहीं होगी। चुनाव आयोग से निर्देश मिलने के बाद अब DEO, रोल ऑब्जर्वर, स्पेशल रोल ऑब्जर्वर, CEO सुपर चेकिंग की प्रक्रिया को शुरू कर चुके हैं।

सिस्टम में अपलोड किए गए दस्तावेजों को जांचने की प्रक्रिया को ही सुपर चेकिंग कहा जा रहा है। हालांकि DEO, रोल ऑब्जर्वर, स्पेशल रोल ऑब्जर्वर, CEO को सुपर चेकिंग की प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता से संबंधित जानकारी को मिटाने की अनुमति नहीं होगी। अगर उन्हें कोई भी असंगति दिखती है तो वे सिर्फ ERO को इस बारे में आगाह कर सकते हैं।

उक्त अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ERO के पास किसी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने का पूरा अधिकार होता है लेकिन चुनाव आयोग हमेशा यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटें।

बता दें, गत 16 दिसंबर को जारी मतदाता सूची के मसौदा के मुताबिक पश्चिम बंगाल के लगभग 58 लाख मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 80,681 बूथ हैं, जिनमें 14000 और नए बूथ जोड़े जाएंगे।

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