शाम करीब 4.30 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के दिल्ली स्थित ऑफिस की फुल बेंच मिटिंग रूम में जाती हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ सांसद अभिषेक बनर्जी और SIR की वजह से जिन परिवारों के सदस्यों की कथित मौत हुई है, मतदाता सूची में जिन्हें 'मृत' मतदाता घोषित कर दिया गया है, वह भी मौजूद थे।
लेकिन शाम को 5.30 बजे से पहले ही मुख्यमंत्री बैठक छोड़कर बाहर आ गयी। चुनाव आयोग की बैठक से बाहर निकलने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "हमें अपमानित किया गया है। हम बैठक बॉयकट करके बाहर निकल आए हैं।" वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग के अधिकारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ SIR के मुद्दे पर बैठक के दौरान उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर बिना पूरी बात सुने ही गुस्से में बाहर निकल आयीं।
"झुठे हैं ज्ञानेश कुमार"
ज्ञानेश कुमार को झुठा करार देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हमें कोई उम्मीद नहीं है। ये लोग भाजपा के दलाल हैं। उन्होंने कहा कि मैं पिछले लंबे समय से दिल्ली में राजनीति करती आ रही हूं। केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हूं। लेकिन इतना अहंकारी आयोग पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्यों इतनी जल्दी SIR करवायी जा रही है, क्यों DEO, ERO, AERO को महत्व न देकर माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जा रही है, क्यों त्रिपुरा से ऑब्जर्वर लाया गया है - ऐसे तमाम सवाल ममता बनर्जी ने उठाए।
उन्होंने कहा कि मैंने इतने सारे पत्र लिखे लेकिन किसी का भी जवाब नहीं दिया गया। हमसे कहा जा रहा है कि हमने BLO नहीं दिया है। अगर हमने BLO नहीं दिया है तो किसने दिया है? बाहर से लोगों को लाकर ऑब्जर्वर बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहे हैं। ये सुप्रीम कोर्ट की बात भी नहीं सुनते हैं। क्या इस तरह से देश चलता है?
"एक दिन आपको भी भुगतना होगा"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के इशारों पर ही चुनाव आयोग SIR की पूरी प्रक्रिया का संचालन कर रही है, यह दिल्ली में आकर और भी स्पष्ट हो गया है। आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। मैंने कहा है कि आपको (मुख्य चुनाव आयुक्त) को भी एक दिन भुगतना होगा। आपके पास भाजपा की ताकत है लेकिन हमारे पास जनता की शक्ति है।
कुछ दिन पहले आयोग की फुल बेंच के साथ बैठक की अनुमति मांगी गई थी। आयोग ने सोमवार को दोपहर 15 लोगों के साथ बैठक की अनुमति दी थी। इसके बाद ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंची। हालांकि आज सुबह से ही हैली रोड पर बंगभवन से लेकर चाणक्यपुरी के बंगभवन तक काफी तनावपूर्ण माहौल रहा।
ममता बनर्जी ने सुबह दिल्ली पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा था कि बंगभवन में आए बांग्लाभाषियों को परेशान किया जा रहा है। इसके बाद वह विरोध स्वरूप प्रतिकात्मक रूप से 'काला' शॉल ओढ़कर चुनाव आयोग के साथ बैठक करने पहुंची।
कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा - चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि CEC ने तृणमूल के नेताओं से कहा कि "कानून का राज चलेगा" और जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उससे कानून के प्रावधानों और चुनाव आयोग (EC) को मिली शक्तियों के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। यह प्रतिक्रिया तब आई जब बनर्जी ने बैठक से बाहर आने के बाद EC पर हमला बोला और चुनाव आयोग पर BJP के "दलाल" के तौर पर काम करने का आरोप लगाया।
आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि जब ममता बनर्जी के सवालों का चुनाव आयोग ने जवाब देना शुरू किया तो तृणमूल के कई नेता बार-बार दखलंदाजी कर रहे थे। इससे वह परेशान हो गयी और गुस्से में बैठक को बीच में ही छोड़कर निकल गयी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने तृणमूल सुप्रीमो से कहा कि उनके विधायक खुलेआम आयोग और खासकर आयुक्त के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयोग के एक अधिकारी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि SIR के काम में लगे अधिकारियों पर किसी भी तरह का कोई दबाव, रुकावट या दखल नहीं होना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को दिया जाने वाला मानदेय बिना किसी और देरी के समय पर जारी किया जाना चाहिए।