कोलकाता :
कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस बार चीन भी भाग ले रहा है। कोलकाता के बोइ मेला प्रांगण में 22 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक 49वां अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला आयोजित है। पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के अध्यक्ष सुधांशु शेखर दे और महासचिव त्रिदिब कुमार चटर्जी ने पुस्तक मेले के सम्बंध में आज यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए तमाम जानकारियां साझा कीं।
त्रिदिब कुमार चटर्जी ने बताया कि पुस्तक मेले का आरंभ होने में बहुत कुछ ही समय बाकी है फिर भी हम लोग पुस्तक मेले में चीन के प्रकाशकों को स्टॉल उपलब्ध करा रहे हैं। उद्घाटन से पहले ही यह मेला अपनी साहित्यिक, सांस्कृतिक और तकनीकी विशेषताओं के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। 22 जनवरी को शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। उद्घाटन समारोह में अर्जेंटीना के टैगोर साहित्य के विद्वान एवं निबंधकार गुस्तावो कैन्जोब्रे, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसिनो विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे।
गिल्ड के अध्यक्ष सुधांशु शेखर दे ने बताया कि इसी अवसर पर स्वप्नमॉय चक्रवर्ती को मुख्यमंत्री द्वारा दो लाख रुपये मूल्य का गिल्ड लाइफटाइम लिटरेरी अवार्ड प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पुस्तक मेले में एक हजार से अधिक प्रकाशकों और संस्थानों के भाग लेने की संभावना है। 15 वर्षों के अंतराल के बाद इस बार चीन भी पुस्तक मेले में भाग ले रहा है, जिसने अंतिम बार 2011 में सहभागिता की थी। मेले के शुरू होने से ठीक पहले चीन द्वारा भाग लेने का निर्णय लिए जाने के कारण इस बार कुल 21 देशों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जिससे मेला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित होगा।
30 जनवरी को ‘चिरो तरुण’ के रूप में वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया जाएगा, जिसमें कवि मृदुल दासगुप्ता, रूपा पत्रिका के प्रकाशक राजेंद्र कुमार मेहरा और पाठक निर्मल भट्टाचार्य को सम्मानित किया जाएगा। 1 फरवरी को बाल दिवस आयोजित होगा।
वक्ताओं ने बताया कि 24 और 25 जनवरी को कोलकाता साहित्य महोत्सव के अंतर्गत साहित्य, सिनेमा, समाज और संगीत से जुड़े विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव का उद्घाटन अमिताभ घोष और गौतम घोष करेंगे। इस समारोह में समरेश मजूमदार पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इन सत्रों में देवदत्त पटनायक, किरण देसाई, अनुपम रॉय, उस्ताद निशात खान सहित कई प्रतिष्ठित रचनाकार और कलाकार भाग लेंगे।
मेले में कुल नौ प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, जिनमें अर्जेंटीना की वास्तुकला पर आधारित द्वार भी शामिल हैं। तकनीकी सुविधाओं के तहत पहली बार हावड़ा से करुणमयी और सेंट्रल पार्क तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। मेट्रो सेवाएं रात 10 बजे तक चलेंगी और यूपीआई आधारित टिकट व्यवस्था भी की गई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बांग्लादेशी प्रकाशकों की अनुपस्थिति पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में महासचिव त्रिदिब कुमार चटर्जी ने कहा कि पुस्तकों की कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होती। आयोजकों ने इस मेले को शहर और देश के गौरव का प्रतीक बताते हुए सभी पाठकों का स्वागत किया है।