कोलकाता : कोलकाता के बोइ मेला प्रांगण में 49वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले के शुभारंभ में अब केवल एक दिन का समय शेष रह गया है। 22 जनवरी से शुरू होने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं हालांकि अभी भी कई कार्य पूरे किए जाने बाकी हैं। पूरे मेला परिसर में दिन-रात काम चल रहा है और कारीगर समय से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटे हुए हैं।
इस वर्ष पुस्तक मेले में लगभग एक हजार से अधिक प्रकाशकों के भाग लेने की उम्मीद है जिसके लिए करीब एक हजार स्टॉल तैयार किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में स्टॉल होने के कारण कार्य का दबाव भी अधिक है। कई स्टॉल में अब तक रंगाई-पुताई का काम जारी है वहीं अनेक स्थानों पर पुस्तकों को सजाने के लिए टेबल और रैक अभी तैयार किए जा रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि सीमित समय के बावजूद सभी कार्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
मेले की अंतरराष्ट्रीय पहचान इस बार और मजबूत हुई है क्योंकि 15 वर्षों के बाद चीन फिर से इस आयोजन में भाग ले रहा है। इसके साथ ही कुल 21 देश इस बार पुस्तक मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पहली बार यूक्रेन की भागीदारी भी मेले का विशेष आकर्षण होगी। विभिन्न देशों के स्टॉल को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष रूप से मेहनत की जा रही है ताकि उनकी सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान उभरकर सामने आ सके।
इधर कई स्टॉल में प्रकाशकों की पुस्तकें पहुंचनी शुरू हो गई हैं। जहां पुस्तकें आ चुकी हैं, वहां उन्हें सजाने और व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित करने का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि अभी आधे से अधिक स्टॉल में निर्माण और सजावट का कार्य जारी है।
आयोजकों को विश्वास है कि कारीगरों की मेहनत और समन्वय से शेष सभी कार्य समय पर पूरे हो जाएंगे और 49वां अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला अपने तय समय पर पूरी भव्यता के साथ शुरू होगा।