कोझिकोड (केरल): कोझिकोड के गोविंदपुरम इलाके में रहने वाले 42 वर्षीय दीपक यू. की मौत के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले सप्ताह एक निजी बस में दीपक ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था।
गिरफ्तार महिला की पहचान शिमजिथा के रूप में हुई है। कोझिकोड मेडिकल कॉलेज पुलिस ने उसे पास के वडकरा इलाके से हिरासत में लिया। इसके बाद उसकी औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई गई और कुन्नमंगलम की मजिस्ट्रेट अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
महिला के वकील ने बताया कि उसे मलप्पुरम जिले के मंजेरी जेल में भेज दिया गया है।
इस मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वे बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज पुलिस थाने के सामने इकट्ठा हुए और आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी महिला को बचाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कहना है कि महिला को चुपचाप गिरफ्तार किया गया और उसे मेडिकल कॉलेज थाने के एक पुलिस अधिकारी के निजी वाहन में कोझिकोड लाया गया।
पुलिस के अनुसार महिला ने बस में वीडियो बनाया था और बाद में उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। दीपक की मौत के बाद उसके माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर शिमजिथा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
रविवार को दीपक अपने घर के शयनकक्ष में मृत पाए गए। परिजनों का आरोप है कि महिला ने सोशल मीडिया पर जो वीडियो डाला था, वह एडिटेड था और उसमें दीपक को गलत तरीके से उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और दीपक को भी इसकी जानकारी मिल गई थी। परिजनों के अनुसार दीपक ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद वह गंभीर मानसिक तनाव में रहने लगा। उनका कहना है कि इसी मानसिक दबाव के कारण दीपक ने आत्महत्या कर ली।