रायपुर : एक समय ये गांव माओवादी-प्रभावित इलाकों के रूप में जाने जाते थे। माओवादियों के डर से इलाके के लोग सहमे रहते थे। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के दिन देश के अन्य हिस्सों में भले ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता था, लेकिन ये गांव अपवाद बने रहते थे। छत्तीसगढ़ के इन गांवों के निवासी राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे।
लेकिन अब हालात बदल गए हैं। संयुक्त बलों के लगातार अभियानों के चलते माओवादी कोने में सिमट गए हैं। इसके परिणामस्वरूप पहली बार गणतंत्र दिवस के दिन छत्तीसगढ़ के 54 गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाने वाला है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि जिन गांवों में पहली बार 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा, उनमें बीजापुर के 17 गांव शामिल हैं। इसके अलावा नारायणपुर के 25 और सुकमा के 17 गांवों में भी पहली बार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
हालांकि इनमें से कुछ गांवों में पहले भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन 54 गांवों में से 13 गांवों में पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बस्तर के दूरदराज इलाकों में माओवादियों के खिलाफ अभियानों को और तेज करने के लिए कई कैंप स्थापित किए गए हैं। इलाके में सुरक्षा बलों की नियमित गश्त के चलते माओवादी पीछे हट रहे हैं। हाल ही में वहां कई सक्रिय माओवादी सदस्य और नेता भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियमित गश्त के कारण स्थानीय निवासियों में विश्वास लौटा है। इसके चलते अब इन इलाकों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ भी लोगों को मिलने लगा है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों के नियमित अभियानों और स्थानीय लोगों के सहयोग के कारण ही इस क्षेत्र में यह सकारात्मक बदलाव संभव हो पाया है।
बस्तर क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले जब आदिवासी बहुल इलाकों में सुरक्षा के लिए कैंप लगाए जाते थे तो स्थानीय लोग उन्हें संदेह की नजर से देखते थे। लेकिन अब वही निवासी गणतंत्र दिवस मनाने के लिए उत्साह के साथ तैयारियां कर रहे हैं।
इलाके के निवासी सुखमान देव ने कहा कि गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हमारे गांवों में अजीब-सा डर और सन्नाटा छाया रहता था। लेकिन इस बार हम जवानों और अन्य लोगों के साथ मिलकर यह दिन मनाएंगे।
वहीं गणतंत्र दिवस से पहले वहां के सुरक्षा बल सतर्क हैं। शनिवार को ही बीजापुर इलाके में तलाशी अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक और IED बरामद किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ये विस्फोटक माददेद थाना क्षेत्र के बांदेपाड़ा और नीलामादगु गांवों के बीच स्थित जंगल से बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले के लिए ये विस्फोटक वहां दबाकर रखे थे।