भुवनेश्वर: ओडिशा के पुरी में होटल बुकिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुरी होटल बुकिंग की एक लोकप्रिय वेबसाइट की हूबहू क्लोन वेबसाइट बनाकर पर्यटकों को ठगने का जाल बिछाया गया था। इस जाल में फंसकर अब तक कम से कम 83 लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस देशव्यापी ठगी गिरोह से जुड़े पुणे के एक वेब डेवलपर को कोलकाता साइबर अपराध शाखा की पुलिस ने मंगलवार तड़के गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त का नाम हुजैफा शब्बीर दरबार उर्फ हुजैफा दरबार है, जिसकी उम्र 41 वर्ष है। वह पेशे से वेब डेवलपर है। कोलकाता साइबर अपराध शाखा की टीम ने पुणे में छापा मारकर स्थानीय थाने की मदद से उसे गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि अभियुक्त और उसके साथियों ने अपनी वेब डेवलपमेंट की जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी और क्लोन वेबसाइट बनाई थी। ऑनलाइन सर्च में पुरी होटल बुकिंग लिखने पर यह फर्जी वेबसाइट भी दिखाई देती थी। इस वेबसाइट का नाम purihotelkolkatabookingoffice.com रखा गया था।
आरोप है कि होटल बुकिंग के नाम पर भरोसा जीतकर ठगों ने अब तक 83 पीड़ितों से कुल 13 लाख 60 हजार 803 रुपये की ठगी की है। इस संबंध में विभिन्न थानों में कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। ठगी के शिकार लोगों में से एक देवज्योति मल्लिक हैं, जो ओडिशा के बारीशा के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि होटल बुकिंग की पुष्टि के नाम पर उनसे पहले एक रुपये का भुगतान करवाया गया, जो अंजू कुमार सोलंकी नामक व्यक्ति के बैंक खाते में जमा हुआ। उस व्यक्ति ने खुद को होटल का फ्रंट डेस्क मैनेजर बताया था। इसके बाद बार-बार यूपीआई लेनदेन फेल होने का बहाना बनाकर अभियुक्तों ने उनसे आशिष जेना नामक व्यक्ति के BharatPe क्यूआर कोड या यूपीआई आईडी पर पैसे भेजने को कहा। आशिष जेना ने खुद को होटल का सीनियर मैनेजर बताया था।
देवज्योति का आरोप है कि लेनदेन के दौरान अभियुक्त लगातार फोन पर संपर्क में रहे और होटल के कमरों की तस्वीरें भेजकर उनका भरोसा जीतते रहे। उनकी बातों पर विश्वास कर उन्होंने पिछले साल मई महीने में कई किस्तों में कुल 4,480 रुपये भेज दिए लेकिन पैसे लेने के बाद कोई बुकिंग कन्फर्मेशन नहीं दिया गया। बाद में बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला और बातचीत के दौरान इस्तेमाल किए गए सभी फोन नंबर बंद कर दिए गए। इसके बाद उन्होंने हरिदेबपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान कोलकाता साइबर पुलिस ने बीएनएसएस 2023 की धारा 94 के तहत विभिन्न बैंकों और डोमेन सेवा प्रदाता कंपनियों को नोटिस भेजा। इससे पता चला कि संबंधित फर्जी वेबसाइट GoDaddy.com, LLC पर रजिस्टर्ड थी। GoDaddy से मिले जवाब में एक ईमेल आईडी का पता चला, जो उस वेबसाइट से जुड़ी हुई थी। इसके बाद गूगल से उस ईमेल आईडी के निर्माण, लॉगिन और डिवाइस से जुड़ी जानकारी हासिल की गई। इन जानकारियों के आधार पर आईपी एड्रेस को ट्रैक किया गया और एयरटेल व जियो से मिले मोबाइल नंबरों के जरिए अभियुक्त हुजैफा शब्बीर दरबार तक पुलिस पहुंची। उससे पूछताछ के आधार पर बाकी अभियुक्तों की तलाश जारी है।