लखनऊ: बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने लखनऊ में अंबेडकर प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) पर जोरदार हमला बोला।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिनके शासन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की सबसे अधिक मूर्तियों के अपमान और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, वही लोग अब चुनाव से पहले उन्हें ‘संवारने’ की योजना लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई ‘डॉ. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत घोषित ₹403 करोड़ के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम जनता को “भ्रमित करने” के लिए उठाया गया है। इस योजना के तहत राज्य की विभिन्न विधानसभाओं में अंबेडकर समेत सामाजिक न्याय के प्रतीकों की मूर्तियों और स्मारकों के विकास एवं सौंदर्यीकरण का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना को मंजूरी दे चुकी है, जिसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख समाज सुधारकों की मूर्तियों और स्मारकों के विकास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बीते वर्षों में दलित और पिछड़े वर्गों के खिलाफ अन्याय और भेदभाव की घटनाएं बढ़ी हैं। समाज के वंचित तबके लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावटी योजनाओं के जरिए चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर संविधान को लेकर भी तीखा हमला बोला और कहा कि जो लोग कभी 400 सीटें जीतने के बाद संविधान में बदलाव की बात करते थे, वे अब जनता की प्रतिक्रिया के बाद पीछे हट गए हैं।