बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान में एक बार फिर सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2 माओवादियों की मौत हो गई। तलाशी के दौरान एके-47 राइफल सहित कई हथियार बरामद किए गए। गुरुवार को पुलिस को यह सफलता मिली। दूसरी ओर गुरुवार को ही बीजापुर इलाके में तलाशी अभियान के दौरान संयुक्त बलों ने दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा बलों पर हमले के लिए इन विस्फोटकों को जमीन जमीन में गाड़ा गया था।
कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए थे। लगातार माओवादी सदस्य आत्मसमर्पण कर रहे हैं। केंद्र ने इस साल मार्च तक देश से माओवादियों को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इसी बीच कोने में सिमटे माओवादी सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीजापुर के दक्षिणी हिस्से के एक जंगल में माओवादियों के एक समूह के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और पुलिस की एक टीम ने इलाके में अभियान चलाया। संयुक्त बलों के वहां पहुंचते ही माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया जिसमें दो माओवादी सदस्यों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है। घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, 9 एमएम पिस्तौल और भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं। इलाके में छिपे अन्य माओवादियों की तलाश में अभियान जारी है।
इस मुठभेड़ के साथ-साथ माओवादियों द्वारा लगाए गए दो आईईडी भी बरामद किए गए हैं। बीजापुर पुलिस के अनुसार माओवादी विरोधी अभियान के दौरान इलमिडी-लंकापल्ली इलाके में ये विस्फोटक मिले। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक विस्फोटक का वजन 20 से 30 किलोग्राम था। पुलिस अभियान के दौरान हमला करने के लिए इन विस्फोटकों को कमांड स्विच सिस्टम के जरिए एक कच्ची सड़क पर लगाया गया था। गुरुवार को तलाशी अभियान के दौरान मिले इन विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया गया है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।