शिमला: जनवरी के अंत में भारी बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह ढक लिया है। अचानक बदले मौसम के चलते बर्फबारी और बारिश की दोहरी मार से राज्य की स्थिति बेहद खराब हो गई है। मूसलाधार बारिश और बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड को और भी बढ़ा दिया है। बर्फ और बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाना बेहद खतरनाक हो गया है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई सड़कों को बंद कर दिया है, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सरकार ने पर्यटकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से जारी बयान के अनुसार, बर्फबारी, भूस्खलन और खराब मौसम के चलते दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 563 सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा नुकसान लाहौल और स्पीति जिले में हुआ है, जहां 290 सड़कें बंद पड़ी हैं। भारी बर्फबारी के कारण एनएच 03 कोकसर रोहतांग पास दारचा सरचू और एनएच 505 ग्रामफू बटाल लोसर मार्ग को बंद कर दिया गया है। कुल्लू में भी 9 सड़कें बंद हैं, जिससे वहां घूमने पहुंचे पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बर्फबारी के चलते हिमाचल प्रदेश में बिजली विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। ट्रांसफॉर्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब तक 4,797 डीटीआर प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण बड़े इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। हाई वोल्टेज लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्र अंधेरे में डूबे हुए हैं।
कुल्लू मनाली क्षेत्र भी मोटी बर्फ की चादर से ढक गया है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से एक्स हैंडल पर चेतावनी जारी की गई है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए गए हैं।