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77वें गणतंत्र दिवस पर जम्मू-कश्मीर से मुंबई तक, तिरंगे में रंगे देश के प्रमुख स्थल

77वें गणतंत्र दिवस की परेड भारतीय सेना की तकनीक-सक्षम, एकीकृत और युद्ध-तैयार क्षमता का जीवंत प्रदर्शन होगी।

By राखी मल्लिक

Jan 25, 2026 13:11 IST

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों से लेकर मुंबई के तटों तक कई शहरों में शनिवार को देशभक्ति की छटा बिखरी। रियासी, मुंबई और लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में आइकॉनिक इमारतों को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संतरी, सफेद और हरे रंगों में सजाया गया।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित सलाल डैम को शनिवार शाम तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया। विशाल डैम की संरचना को संतरी, सफेद और हरे रंगों से सजाया गया।

मुंबई में भी गणतंत्र दिवस 2026 के जश्न से पहले कई इमारतों को तिरंगे के रंगों में सजाया गया। इनमें वेस्टर्न रेलवे मुख्यालय प्रमुख हैं जिन्हें शनिवार रात भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रोशन किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी इमारतों और प्रमुख सड़कों को सजाया गया। शहर में शनिवार को तिरंगे की रोशनी से देशभक्ति का माहौल देखा गया।

लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने गणतंत्र दिवस 2026 की फुल-ड्रेस रिहर्सल भी आयोजित की गई। जिसमें वरिष्ठ जिला अधिकारी मौजूद थे। इस अभ्यास में सेना के दल, स्कूल के बच्चे और कलाकार अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से सभी को प्रभावित करने में सफल रहे। इस दौरान भारतीय सेना 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी ताकत और आधुनिक युद्धक क्षमता दिखाएगी। पहली बार परेड में रणभूमि व्यूह रचना का प्रदर्शन होगा।

इस प्रदर्शन के जरिए नागरिकों को यह देखने का मौका मिलेगा कि सेना कैसे आधुनिक युद्ध में एक संगठित, तकनीकी-सक्षम और नेटवर्क आधारित बल के रूप में तैनात होकर लड़ती है। परेड में पहली बार भारतीय सेना की मार्चिंग और मशीनीकृत इकाइयों को युद्धक दृष्टिकोण वाली हमलावर व्यवस्था में प्रस्तुत किया जाएगा, जो संचालन के क्रम में बलों की तैनाती को दर्शाएगी।

इस परेड में कई नए प्लेटफॉर्म और इकाइयां पहली बार शामिल होंगी, जो सेना के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण और तकनीकी परिवर्तन को उजागर करेंगी। इस प्रकार 77वें गणतंत्र दिवस की परेड भारतीय सेना की तकनीक-सक्षम, एकीकृत और युद्ध-तैयार क्षमता का जीवंत प्रदर्शन होगी, जो पूरी तरह देशी क्षमताओं और संचालन उत्कृष्टता पर आधारित है।

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