लखनऊ : कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में अंगकृष रघुवंशी के आउट को लेकर उठे विवाद पर आखिरकार मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। तीसरे अंपायर ने उन्हें फील्ड में बाधा डालने के कारण आउट दिया था और इसी फैसले को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई थी। अब एमसीसी ने साफ कर दिया है कि अंपायर का निर्णय पूरी तरह नियमों के अनुसार था और इसमें कोई गलती नहीं थी। इससे इस विवाद पर विराम लग गया है।
फील्ड में बाधा के कारण दिया गया आउट
लखनऊ के एकाना स्टेडियम में मैच के पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर यह घटना घटी। उस समय अंगकृष रघुवंशी 8 गेंदों पर 9 रन बनाकर खेल रहे थे। रन लेने के लिए क्रीज से बाहर निकलने के बाद जब वह वापस लौट रहे थे तब उनकी दौड़ की दिशा ऐसी रही, जिससे फील्डिंग टीम के काम में बाधा उत्पन्न होती दिखी।
तीसरे अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद यह फैसला सुनाया कि बल्लेबाज ने जानबूझकर फील्ड में बाधा डाली है। इसी आधार पर उन्हें आउट करार दिया गया। इस फैसले से कोलकाता नाइट राइडर्स का खेमा़ नाराज हो गया और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।
एमसीसी ने नियमों को लेकर क्या कहा?
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि क्रिकेट के नियमों के अनुसार यह फैसला पूरी तरह सही था। एमसीसी के मुताबिक अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर अपने शब्दों या क्रिया से फील्डिंग टीम को बाधित करता है तो उसे आउट दिया जाएगा।
रघुवंशी के मामले में यह देखा गया कि वह पहले विकेट के एक तरफ दौड़ रहे थे लेकिन क्रीज में लौटते समय उन्होंने अचानक दिशा बदल दी और पिच के बीच से दौड़ते हुए गेंद और विकेट के बीच आ गए।
एमसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई बल्लेबाज दौड़ते समय ऐसा रास्ता चुनता है जो सामान्य या सबसे तेज रास्ता नहीं है तो उसे जानबूझकर किया गया कृत्य माना जाएगा। इसी आधार पर एमसीसी का मानना है कि रघुवंशी ने फील्ड में बाधा डाली और उन्हें आउट देना सही फैसला था।
विवाद के बीच रोमांचक मुकाबले में केकेआर की जीत
इस विवाद के बावजूद मैच बेहद रोमांचक रहा और कोलकाता नाइट राइडर्स ने शानदार जीत दर्ज की। निर्धारित ओवरों में दोनों टीमों ने 155-155 रन बनाए, जिसके बाद मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचा।
सुपर ओवर में आखिरकार कोलकाता नाइट राइडर्स ने बाजी मार ली। अब उनका अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। यह मैच केकेआर के लिए काफी अहम माना जा रहा है हालांकि हैदराबाद की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुकाबला आसान नहीं होने वाला है।