नई दिल्ली : विश्व कप शुरू होने से पहले भारत के प्रमुख हथियारों में से एक माने जा रहे थे युवा ओपनर अभिषेक शर्मा लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने के बाद वह पूरी तरह असफल रहे हैं। पहले तीन मैचों में वह शून्य पर आउट हुए। रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में उन्होंने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए लेकिन प्रोटिया तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ उनकी डगमगाती बल्लेबाजी सभी की नजर में आ गई। अब सवाल उठ रहा है कि क्या संजू सैमसन को मौका दिया जाना चाहिए? दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 76 रन की हार के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है। अब भारतीय टीम प्रबंधन की ओर से भी ऐसे संकेत मिले हैं।
क्या अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन की वापसी होगी?
इस संभावना से भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएस्केट ने इनकार नहीं किया है। मैच के बाद उन्होंने कहा कि पांच मैचों में से चार में पार्ट-टाइम स्पिनरों ने हमारे खिलाफ पहला ओवर फेंका है और ज्यादातर मौकों पर हमने वहीं विकेट गंवाया है। शून्य से दो रन के भीतर विकेट गिरने से बाकी बल्लेबाज़ों पर दबाव बढ़ जाता है। तिलक और सूर्य भी अभी अपनी भूमिका में नहीं दिखे हैं। इसलिए संजू को पहले एकादश में शामिल किया जाए या नहीं इस पर विचार चल रहा है। संजू निश्चित रूप से उच्च गुणवत्ता और अच्छी तकनीक वाले बल्लेबाज हैं। उनके खेलने से शीर्ष क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाज की कमी भी दूर होगी। अगले दो महत्वपूर्ण मैचों से पहले हम इस विषय पर अवश्य चर्चा करेंगे।
टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार
भारतीय बल्लेबाजी के शीर्ष क्रम में तीन खिलाड़ी - ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा तीनों ही बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में ये तीनों पावरप्ले के भीतर आउट होकर पवेलियन लौट गए। केवल अभिषेक ही नहीं मौजूदा विश्व कप में अभी तक तिलक वर्मा भी अपनी जानी-पहचानी लय में नजर नहीं आए हैं।
तिलक वर्मा को पारी को संभालने के लिए नंबर तीन पर उतारा गया था लेकिन वह उस भूमिका में अभी तक प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं। इसलिए अभिषेक या तिलक की जगह संजू सैमसन को मौका देने की बात उठ रही है। इससे बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संतुलित संयोजन भी बनाया जा सकेगा।