इंग्लैंड की लोकप्रिय फ्रैंचाइज़ी लीग 'द हंड्रेड' में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका मिलने को लेकर अटकलें लगातार बढ़ रही हैं। इस लीग में भाग लेने वाली आठ टीमों में Manchester Super Giants, MI London, Southern Brave और Sunrisers Leeds— ये चारों टीमें आंशिक रूप से IPL के मालिकाना हक वाली संस्थाओं के अंतर्गत हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार ये चार टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए नीलामी में बोली नहीं लगाएंगी। अब इस मुद्दे पर पाक ओपनर साहिबजादा फरहान ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के तहत लीग चलाने वाली जगह पर पाकिस्तानी खिलाड़ी भी खेलना नहीं चाहते।
ECB ने क्या कहा ?
कुल 63 पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने द हंड्रेड की नीलामी में नाम दर्ज कराया है। हालांकि अगर चार टीमों ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों के लिए बोली नहीं लगाई, तो इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को पत्र लिख सकता है लेकिन फिलहाल द हंड्रेड पर ECB का नियंत्रण उतना नहीं है। स्वामित्व बदलने के बाद नए मालिकों के किसी भी निर्णय को लेने के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड दबाव नहीं डाल सकता। इस बार इस बारे में साहिबजादा फरहान ने अपनी बात कही। टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ खेलने से पहले उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होकर इस बारे में जानकारी दी।
साहिबज़ादा फ़रहान ने क्या कहा ?
उन्होंने कहा, 'कौन किस टीम में जाएगा, कौन नहीं—यह हमारे हाथ में नहीं है। जो टीमें हमें चाहते हैं, उनके लिए खेलने के लिए हम तैयार हैं लेकिन आप जो कह रहे हैं यानी जो लोग इस तरह लीग चलाना चाहते हैं, उनके साथ मिलकर हम भी खेलना नहीं चाहते। द हंड्रेड दुनिया की सबसे बेहतरीन फ्रेंचाइज़ी लीग में से एक है, हर खिलाड़ी यहां खेलना चाहता है। हम इसमें अलग नहीं हैं।'
अब देखना यह है कि अंत तक पाक क्रिकेटर नीलामी में टीम पाएंगे या नहीं।