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फलता में EVM पर विवाद, गड़बड़ी साबित हुई तो होगा दोबारा मतदान: चुनाव अधिकारी

BJP के आरोपों के बाद बंगाल CEO का सख्त रुख-“टेपिंग की पुष्टि हुई तो संबंधित बूथों पर होगा रिपोल”

By श्वेता सिंह

Apr 29, 2026 12:54 IST

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर EVM के किसी भी बटन पर टेपिंग की शिकायत की जाएगी, उसकी जांच की जाएगी और यदि यह सही पाई जाती है तो उन बूथों पर पुनर्मतदान (रिपोल) कराया जाएगा। यह बयान भाजपा द्वारा फलता में अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद आया है। फलता, डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

CEO ने कहा, “अगर किसी बटन पर टेपिंग की रिपोर्ट आती है, तो उसकी पुष्टि और रिकॉर्डिंग की जाएगी। यदि यह सही पाया गया, तो उन बूथों पर दोबारा मतदान होगा।”

इससे पहले दिन में भाजपा के पश्चिम बंगाल सह-प्रभारी अमित मालवीय (Amit Malviya) ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान डायमंड हार्बर क्षेत्र के फलता में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को भाजपा उम्मीदवार को चुनने से रोका गया।

उन्होंने दावा किया कि कई बूथों पर EVM के भाजपा विकल्प को टेप लगाकर ढक दिया गया था और इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताया। साथ ही उन्होंने इन क्षेत्रों में पुनर्मतदान की मांग की।

डायमंड हार्बर सीट पर भाजपा ने दीपक कुमार हलदर को मैदान में उतारा है, जो तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा विधायक पन्ना लाल हलदर के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों के बीच यह मुकाबला पिछले चुनाव की पुनरावृत्ति है, जिसमें पन्ना लाल हलदर ने भाजपा उम्मीदवार को 16,996 (7.6 प्रतिशत) वोटों के अंतर से हराया था।

इसी बीच, पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान सुबह 11 बजे तक 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, सबसे अधिक मतदान पूर्व बर्धमान में 44.50 प्रतिशत और हुगली में 43.12 प्रतिशत रहा।

वहीं कोलकाता उत्तर में 38.39 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 36.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। यह चरण राज्य की 294 सीटों में से लगभग आधी सीटों को कवर करता है। राज्य में कुल 1,448 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 220 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने 41,001 मतदान केंद्र बनाए हैं और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रखने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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