कोलकाताः दूसरे चरण के मतदान के दिन पश्चिम बंगाल में EVM को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद गहरा गया। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय (Sudip Bandyopadhyay) ने मतदान के बाद EVM में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए बड़ा बयान दिया।
मतदान केंद्र से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि EVM में किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इसका अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।
“फोन पर मिली शिकायत” का दावा
सुदीप बंद्योपाध्याय ने आरोप लगाया कि उन्हें एक फोन कॉल आया था, जिसमें दावा किया गया कि “50 वोट के बाद अगर 3 वोट डाले जाएं तो 2 भाजपा को और 1 तृणमूल कांग्रेस को जा रहा है।” उन्होंने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की बातों ने संदेह को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले की जानकारी उन्होंने मुख्यमंत्री को दी है।
प्रधानमंत्री के बयान का भी जिक्र
सांसद ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इतने आत्मविश्वास से परिणामों की बात करते हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए देश को बैलट पेपर प्रणाली पर वापस विचार करना चाहिए।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
तृणमूल सांसद ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनाव देखे हैं, लेकिन इस तरह की व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के फ्रंटल संगठन की तरह काम कर रहा है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
BJP का पलटवार
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तृणमूल नेता हार के डर से इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी EVM को लेकर कई बार चुनौती दी गई, लेकिन कभी भी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।
चुनावी माहौल और स्थिति
इस बीच पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग जारी है, जहां 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। राज्य में मतदान शांतिपूर्ण और कड़ी निगरानी के बीच कराया जा रहा है, हालांकि राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किसे समर्थन दिया है।