🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

सर्वदलीय बैठक: बजट सत्र में वीबी-जी राम-जी अधिनियम और एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांग सरकार ने ठुकराई

रिजिजू ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में पहले ही चर्चा हो चुकी है और “हम गियर उल्टा नहीं कर सकते।”

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 27, 2026 19:04 IST

नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को बुधवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में वीबी-जी राम-जी अधिनियम तथा एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांगों को खारिज कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में पहले ही चर्चा हो चुकी है और “हम गियर उल्टा नहीं कर सकते।”

रिजिजू ने ये टिप्पणियां संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कीं। बैठक के दौरान कांग्रेस के जयराम रमेश और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जॉन ब्रिटास सहित विपक्षी सदस्यों ने सत्र के लिए सरकार के कार्यों की सूची के प्रसार न किए जाने पर भी आपत्ति जताई। इस पर रिजिजू ने कहा कि इसे नियत समय पर साझा किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने निर्वाचन सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की जगह लाए गए रोजगार गारंटी से जुड़े वीबी-जी राम-जी कानून, भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क, विदेश नीति से जुड़े मुद्दे, वायु प्रदूषण, अर्थव्यवस्था की स्थिति, शुरुआती किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध सहित कई विषयों पर चर्चा की मांग की।

शीतकालीन सत्र के दौरान संसद से पारित वीबी-जी राम-जी अधिनियम पर विपक्ष की आपत्तियों के जवाब में मंत्री ने कहा, “जब कोई कानून देश के सामने आ जाता है तो हमें उसका पालन करना होता है। विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दे उठाए हैं और इन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर होने वाली बहस के दौरान उठाया जा सकता है। यह साल का पहला सत्र है। आमतौर पर राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद ही सरकारी कार्यों की सूची साझा की जाती है। हालांकि मैं इसे साझा करने के लिए तैयार हूं; मैंने अधिकारियों से ऐसा करने को कह दिया है।” उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब कुछ विपक्षी नेताओं ने शिकायत की कि सत्र के लिए सरकारी कार्य साझा नहीं किए गए हैं।

उन्होंने जोड़ा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और सदन को सुचारु रूप से चलाना ही प्राथमिकता है।

पश्चिम बंगाल में निर्वाचन सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की मांग से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनों में चुनावी सुधारों पर व्यापक चर्चा हुई थी, जिसमें यह मुद्दा भी विपक्ष ने उठाया था। ऐसे में फिर से बहस की मांग करना अनुचित है।” रिजिजू ने अपील की कि सदस्य अपने मुद्दे उठाएं, लेकिन कोई हंगामा नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार की ओर से सभी माननीय सदस्यों से मेरी अपील है कि हमारी संसदीय लोकतंत्र में हमें जनता का प्रतिनिधित्व करने और जनता की बात रखने के लिए चुना गया है। बोलने के अपने अधिकार का प्रयोग करते समय हमें अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों की बात सुनने का दायित्व भी निभाना चाहिए। पिछले सत्र में, जब संसद ने चुनावी सुधारों पर बहस की थी, तब एसआईआर मुद्दे पर लंबी और गहन चर्चाएं हुई थीं। सभी सदस्यों को पर्याप्त समय दिया गया और सभी दलों ने पूरी तरह अपनी बात रखी।

Next Article
अजित पवार की मौत का रहस्य गहराया, DGCA की जांच में भयंकर लापरवाही का खुलासा !

Articles you may like: