1977 में केवल 7 जहाज़ और 2 विमानों के साथ इस बल की शुरुआत हुई थी
तीन ओर से समुद्र से घिरा है भारत। देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा जिनके कंधों पर है, वही भारतीय तट रक्षक बल (ICG) 1 फरवरी को अपना 50वां स्थापना दिवस मना रहा है। भारत की सुरक्षा में इस बल का योगदान असीम है।
1977 में इस बल ने सिर्फ 7 जहाज और 2 विमान के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। आज यह विश्व की चौथी सबसे बड़ी समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी बन गई है। अब इस बल के बेड़े में 206 जहाज और 77 विमान हैं, जो देश की 11,098 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
स्थापना के समय से ही, इंडियन कोस्ट गार्ड ने समुद्र में 4,219 बचाव अभियानों को अंजाम दिया है। इसके माध्यम से इस सेना ने समुद्र में संकट में पड़े 11,806 लोगों की जान बचाई है। भारतीय तट रक्षक बल ने 54,413 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ और तस्करी सामग्री भी जब्त की है। 2025 में, बल की उत्तर-पूर्व शाखा ने विशेष उपलब्धि दिखाई। ऑपरेशन ओलिविया के माध्यम से उन्होंने 9.34 लाख ओलिव रिड्ली कछुए बचाए। इसके अलावा, उसी वर्ष उन्होंने 2.18 करोड़ रुपये मूल्य के 30.97 टन सुपारी जब्त की। इसके अलावा 194 नाविकों सहित 9 बांग्लादेशी मछली पकड़ने वाली नावों को भी रोका गया।
आधुनिक तकनीक और देश में निर्मित जहाजों के माध्यम से यह बल खुद को और मजबूत बना रहा है। Indian Coast Guard का मंत्र 'बॉयम रक्षामः' है, जिसका अर्थ है 'हम सुरक्षा करते हैं'।