🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

पीएम मोदी ने कहा: भारत जानता है शक्ति का सही उपयोग करना

पराक्रम दिवस के अवसर पर पीएम ने कहा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत बना मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र।

By श्वेता सिंह

Jan 23, 2026 20:37 IST

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पराक्रम दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत आज एक मजबूत और संकल्पशील राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि एक कमजोर राष्ट्र अपने लक्ष्यों को हासिल करने में असमर्थ होता है, इसलिए नेताजी हमेशा एक शक्तिशाली भारत का सपना देखते थे।

21वीं सदी में भारत बना आत्मनिर्भर और सशक्त

मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी में भारत भी एक शक्तिशाली और संकल्पशील राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। भारत आज जानता है कि शक्ति बढ़ाना, उसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना और उसका सही उपयोग कैसे किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपने विरोधियों को उनके घरों में जाकर कड़ा जवाब दिया और उन्हें परास्त किया।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की दृष्टि के अनुरूप सरकार रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। पहले भारत केवल आयातित हथियारों पर निर्भर था, लेकिन आज भारत के रक्षा निर्यात 23,000 करोड़ रुपये पार कर चुके हैं। ब्रह्मोस और अन्य स्वदेशी मिसाइलें अब पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं को आत्मनिर्भर शक्ति से आधुनिक बना रहा है।

इतिहास और नेताजी की विरासत को मिली नई पहचान

प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताजी की विरासत का सम्मान नहीं किया गया। स्वतंत्रता के बाद हमारे देश की गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को गर्व के साथ मनाना चाहिए था। लेकिन तब की सरकारें असुरक्षा में घिरी हुई थीं और स्वतंत्रता का श्रेय केवल एक परिवार तक सीमित करना चाहती थीं। इसके चलते देश का इतिहास अनदेखा रह गया।

अंडमान और निकोबार द्वीपों का नया नामकरण

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इतिहास की इस अन्यायपूर्ण भूल को दूर किया। पोर्ट ब्लेयर अब ‘श्री विजयपुरम’ के नाम से जाना जाता है, जो नेताजी की विजय की याद दिलाता है। अन्य द्वीपों को भी स्वराज द्वीप, शहीद द्वीप और सुभाष द्वीप नाम दिया गया। 2023 में अंडमान के 21 द्वीपों को 21 परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जुल्म और गुलामी से जुड़ी पहचान अब मिटाई जा रही है और नए नाम स्वतंत्र भारत की पहचान स्थापित कर रहे हैं।

Next Article
अजित पवार की मौत का रहस्य गहराया, DGCA की जांच में भयंकर लापरवाही का खुलासा !

Articles you may like: