नई दिल्ली / पुणेः पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आतंकियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाकर उन्हें तहस-नहस किया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य संरचना और संविधान में बदलाव किया। भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को पुणे में एक कार्यक्रम में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के इन कदमों का एक महत्वपूर्ण कारण रहा।
CDS ने क्या कहा?
पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल में जनरल चौहान ने कहा, “पाकिस्तान में जो बदलाव किए गए और संविधान में जो त्वरित संशोधन हुए, वे इस वास्तविकता को स्वीकार करते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में सब कुछ पाकिस्तान की योजना के अनुसार नहीं हुआ। उन्होंने अपनी रणनीति में कई खामियां और विचलन देखे।”
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन के पद को हटाकर ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF)’ का नया पद बनाया। उनका मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान की सुरक्षा और आंतरिक स्थिति की असुरक्षा को दर्शाता है।
असीम मुनीर बने पहले CDF
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने संविधान में बदलाव कर असीम मुनीर को देश का पहला ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस’ बनाया। इसके लिए पाकिस्तान के संविधान में 27वां संशोधन किया गया। अब पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी असीम मुनीर के नियंत्रण में है।
इस पूरे परिप्रेक्ष्य में, CDS जनरल अनिल चौहान का यह बयान बेहद संकेतपूर्ण और रणनीतिक माना जा रहा है। यह दिखाता है कि भारत की सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान को न सिर्फ सैन्य बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक स्तर पर भी प्रभावित किया है।