वाशिंगटनः सीरिया में इस्लामिक स्टेट (IS) के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक दुभाषिए की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। शनिवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सीरिया भर में आईएस के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किए गए इस जवाबी अभियान को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ (Operation Hawkeye Strike) नाम दिया गया है।
शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाओं ने संयुक्त रूप से यह हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा,
“हमारा संदेश साफ है। अगर हमारे योद्धाओं को नुकसान पहुंचाया गया तो हम तुम्हें ढूंढ ही निकालेंगे। न्याय से बचने की चाहे जितनी कोशिश कर लो, तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
इससे पहले 19 दिसंबर को इस अभियान के पहले चरण में सीरिया के 70 आईएस ठिकानों पर हमला किया गया था।
गौरतलब है कि पिछले महीने सीरिया के पलमायरा में आईएस के हमले में आयोवा नेशनल गार्ड के दो सदस्य सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवर, सार्जेंट विलियम नथानियल हॉवर्ड और एक अमेरिकी असैन्य दुभाषिया अयाद मंसूर सकात मारे गए थे। इस घटना के बाद ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी बलों पर हमला करने वालों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर सजा दी जाएगी। इस बार ट्रंप प्रशासन ने मानो उस चेतावनी को अमल में लाकर दिखा दिया।