उत्तर प्रदेश के मेरठ के गांव कपसाड़ा में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण ने राजनीतिक रंग ले लिया है। यह घटना गुरुवार की है। अगवा की गई लड़की की तलाश में पुलिस की 10 टीमें लगी हुई हैं लेकिन उसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। पुलिस इस मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जहां एक तरफ हत्या और अपहरण की घटना के बाद परिजन आक्रोशित हैं, वहीं विभिन्न पार्टियां इस मुद्दे को लेकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज योगी सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहे हैं।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में एक दबंग पर दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का आरोप लगा है। घटना के बाद से ग्रामीणों में रोष है। गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। घटना के बाद जब महिला का शव लेने एम्बुलेंस गांव पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उसमें तोड़फोड़ कर दी। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहती है, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोपी के दादा-दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि आरोपी के माता-पिता और भाई घटना के बाद से फरार हैं।
गांव के कंपाउंडर पर लगा आरोप
घटना सरधना थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाले सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता, तीन बेटे और एक बेटी रुबी है। आर्थिक तंगी के चलते रुबी को करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी। रुबी तीसरे नंबर पर है और सबसे छोटा भाई अविवाहित है। सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत जा रही थीं। रास्ते में पहले से मौजूद आरोपी कंपाउंडर पारस ने दोनों को रोक लिया और बदतमीजी करने लगा। जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फरसे से महिला के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद वो लड़की को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सुनीता को मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल ले जाया गया। सिर में गहरी चोट के चलते डॉक्टर ऑपरेशन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
मौत से पहले मां ने दिया बयान
मौत से पहले सुनीता ने बयान दिया था कि हमला होते ही वो मौके पर गिर गई थी और इसके बाद आरोपी उसकी बेटी को जबरन उठाकर ले गया। आरोपी की पहचान पारस के रूप में हुई है जो कि गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता है। बताया जा रहा है कि आरोपी और लड़की एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पारस तीन भाइयों में सबसे छोटा है। घटना के बाद से उसके माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अपहृत लड़की की तलाश की जा रही है।