नई दिल्ली : भारत में निपाह वायरस संक्रमण के मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में भारत में दो लोगों में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि इसको लेकर चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में निपाह संक्रमण के फैलने का जोखिम कम है और इसके चलते पर्यटन या व्यापार पर किसी भी तरह के प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है।
डब्ल्यूएचओ ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि इंसान से इंसान में निपाह वायरस संक्रमण बढ़ने के कोई प्रमाण अब तक नहीं मिले हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय या वैश्विक स्तर पर जोखिम भी काफी कम बताया गया है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में निपाह संक्रमण के दो मामले सामने आए थे।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ये दोनों मामले उसी जिले तक सीमित हैं। संक्रमित व्यक्तियों के बाहर कहीं यात्रा करने की कोई जानकारी नहीं मिली है। इस कारण अन्य राज्यों या विदेशों में संक्रमण फैलने की आशंका भी काफी कम बताई गई है।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक जूनोटिक संक्रमण है, जो मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह संक्रमण आमतौर पर चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। चमगादड़ों की लार या मूत्र से दूषित भोजन के सेवन या नजदीकी संपर्क के जरिए यह वायरस फैल सकता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर मस्तिष्क में सूजन हो सकती है और संक्रमित लोगों में मृत्यु दर भी काफी अधिक होती है।
यह वायरस इंसान से इंसान में भी फैल सकता है लेकिन इसके लिए करीबी संपर्क आवश्यक होता है। फिलहाल इस वायरस को रोकने के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।