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‘मतदान सबसे बड़ा अधिकार और जिम्मेदारी’, राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधानमंंत्री मोदी का देशवासियों को संदेश

पीएम मोदी MY-Bharat स्वयंसेवकों को लिखा पत्र

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 25, 2026 17:12 IST

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार ही नहीं, बल्कि एक पवित्र कर्तव्य भी है, जो हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने का अवसर देता है। X पर साझा किए गए पोस्ट में मोदी ने देशभर में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए निर्वाचन आयोग के निरंतर प्रयासों की सराहना भी की।

मतदाता पंजीकरण के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने MY-Bharat स्वयंसेवकों को एक पत्र भी लिखा। उन्होंने आग्रह किया कि जब उनके आसपास कोई पहली बार मतदाता बने तो इसे उत्सव की तरह मनाया जाए। मोदी ने भारतीय लोकतंत्र को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए इसे लोकतंत्र की जननी कहा, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी वाद-विवाद और संवाद की परंपराओं में हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत 1951 में हुए पहले आम चुनाव की शुरुआत के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, जो भारतीय जनता की अंतर्निहित लोकतांत्रिक भावना को दर्शाता है।

उन्होंने मतदाताओं को देश की विकास यात्रा का भाग्य विधाता बताया। प्रधानमंत्री ने पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में उनका शामिल होना अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने परिवारों, आवासीय सोसायटियों, स्कूलों और कॉलेजों से आग्रह किया कि मतदान की आयु पूरी करने वाले युवाओं का उत्सव मनाएं और इस नई जिम्मेदारी के साथ उनके कदम को विशेष बनाएं।

मोदी ने चुनावों को लोकतंत्र का पर्व बताते हुए कहा कि हिमालय से लेकर द्वीपीय क्षेत्रों तक, विविध भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले नागरिक उत्साहपूर्वक मतदान में भाग लेते हैं, ताकि उनकी आवाज़ सुनी जा सके। समावेशी भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति, विशेषकर युवा महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया, जो लोकतंत्र को मजबूत बनाती हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत में हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र का उत्सव मनाना और प्रत्येक नागरिक को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सशक्त बनाना है। यह दिन भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना की वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसकी स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत 25 जनवरी 1950 को हुई थी। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस वर्ष के आयोजन का विषय “माय इंडिया, माय वोट” है और टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” रखी गई है।

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