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कोलकाता में जन्मे प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली नहीं रहे, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

मार्क टुली नाइटहुड और पद्म भूषण से सम्मानित थे। आपातकाल की आलोचना करने के कारण उन्हें कुछ अरसे के लिए भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था।

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 25, 2026 18:21 IST

नई दिल्लीः देश के प्रसिद्ध इतिहासकार, वरिष्ठ पत्रकार और प्रख्यात लेखक मार्क टुली का रविवार को नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। उनके निधन की जानकारी उनके करीबी मित्र और वरिष्ठ पत्रकार सतीश जैकब ने दी।

पिछले कुछ समय से थे अस्वस्थ

मार्क टुली पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और बीते एक सप्ताह से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। रविवार दोपहर उन्होंने वहीं अंतिम सांस ली।

कोलकाता में जन्म, बीबीसी से जुड़ा लंबा सफर

24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता में जन्मे मार्क टुली ने 22 वर्षों तक बीबीसी, नई दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे लंबे समय तक भारत में बीबीसी दिल्ली के अध्यक्ष भी रहे।

आपातकाल की आलोचना, भारत छोड़ने का आदेश

मार्क टुली ने भारत के कई अहम और बड़े राजनीतिक व सामाजिक बदलावों के दौरान रिपोर्टिंग की। वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की उन्होंने आलोचना की थी, जिसके बाद सरकार ने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद टुली कुछ समय के लिए दोबारा भारत लौटे।

ऐतिहासिक घटनाओं की की महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग

उन्होंने 1977 में मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री बनने और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों के दौरान भी महत्वपूर्ण और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की।

रेडियो प्रस्तोता और चर्चित लेखक

मार्क टुली न केवल एक प्रतिष्ठित पत्रकार थे, बल्कि बीबीसी रेडियो 4 के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘समथिंग अंडरस्टूड’ के प्रस्तुतकर्ता भी रहे। लेखक के रूप में उन्होंने भारत पर कई महत्वपूर्ण और चर्चित पुस्तकें लिखीं, जिनमें ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ और ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ प्रमुख हैं।

नाइटहुड और पद्म भूषण से हुए सम्मानित

पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मार्क टुली को कई सम्मान मिले। उन्हें वर्ष 2002 में नाइटहुड की उपाधि प्रदान की गई और वर्ष 2005 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।

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