नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का दफ़न बुधवार को बांग्लादेश में हुआ। इस मौके पर भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक निजी पत्र खालिदा ज़िया के पुत्र तारिक को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सौंपा। पत्र में मोदी ने खालिदा ज़िया से हुई अपनी एक मुलाक़ात का ज़िक्र करते हुए अपनी स्मृतियाँ साझा कीं।
इसके अगले दिन, गुरुवार दोपहर, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग पहुँचे और शोक पुस्तिका में अपनी संवेदना दर्ज की। उन्होंने लिखा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को मज़बूत करने में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
रक्षा मंत्री ने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन खालिदा ज़िया के निधन पर भारत सरकार और भारत की जनता की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।”
इससे पहले, जब वे बांग्लादेश मिशन पहुँचे, तो दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज़ हमीदुल्लाह ने उनका स्वागत किया।
यह दूसरी बार है जब राजनाथ सिंह दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग गए हैं। इससे पहले वे 22 नवंबर 2021 को बांग्लादेश सशस्त्र बल दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वहाँ पहुँचे थे। उस वर्ष यह कार्यक्रम सशस्त्र बल दिवस (21 नवंबर) के अगले दिन आयोजित हुआ था। 2021 में राजनाथ सिंह का बांग्लादेश मिशन जाना सामान्य प्रोटोकॉल से हटकर एक अहम क़दम माना गया था। विश्लेषकों के अनुसार, उस समय अवामी लीग सरकार के साथ नज़दीकी संबंधों के बीच इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी को विशेष सम्मान और सैन्य-कूटनीतिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में देखा गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संकेत दिया है कि दिल्ली को बीएनपी में तारिक के नेतृत्व पर भरोसा है। दो देशों के रिश्ते मज़बूत करने की बात जैसे मोदी ने अपने पत्र में कही, वही संदेश रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शोक टिप्पणी में भी दिखाई देता है।
हसीना सरकार के हटने के बाद से भारत और बांग्लादेश की यूनुस सरकार के रिश्तों को लेकर काफ़ी चर्चा हुई है। इसी दौरान ढाका के क़रीब इस्लामाबाद के बढ़ते क़दमों पर नई दिल्ली भी नज़र रखे हुए है। इस बीच बांग्लादेश के कई राजनीतिक नेताओं के बयानों में भारत-विरोधी स्वर भी सुनाई दिए हैं। ऐसे माहौल में, आने वाले फ़रवरी में बांग्लादेश में होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संदेश काफ़ी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इसी संदर्भ में, ढाका में खालिदा ज़िया की अंतिम यात्रा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी को भी कूटनीतिक जगत में बेहद प्रासंगिक माना जा रहा है।