कोलकाता के आरजी कर अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में युवा डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या जैसे संवेदनशील मामले की जांच की जिम्मेदारी संभालने के बाद CBI के संयुक्त निदेशक वी चंद्रशेखर को पहचान मिली। गुजरात कैडर के इस IPS ऑफिसर को 26 जनवरी के मौके पर 77वें गणतंत्र दिवस पर 'राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक' (President's Medal for Distinguished Service) से सम्मानित किया जाने वाला है।
बता दें, वी. चंद्रशेखर की निगरानी में ही CBI ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। CBI के दावे के बाद ही घटना के मुख्य आरोपी संजय राय की सजा सुनिश्चित हो पायी।
हालांकि सरकारी दस्तावेजों में इस जांच को ‘सफल’ करार दिया गया था लेकिन मृतक युवा डॉक्टर (अभया) के परिवार और ‘अभया मंच’ के सदस्यों को अब भी लगता है कि अभया को न्याय नहीं मिला है। अभया के माता-पिता का आरोप है कि CBI ने जल्दबाजी में चार्जशीट फाइल करके और सिर्फ एक व्यक्ति को दोषी ठहराकर जांच पूरी कर ली है। लेकिन घटना के पीछे ‘बड़ी साजिश’ या प्रभावशाली लोगों की भूमिका अभी भी एक रहस्य बनी हुई है।
वी चंद्रशेखर के अलावा बहादुरी और खास सेवा के लिए 30 और CBI अधिकारियों को सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गई है। चंद्रशेखर के अलावा, 'राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक' की सूची में पुलिस सुपर अमित श्रीवास्तव, एडिशनल SP मुकेश शर्मा, सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार जती, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर चमन लाल और हेड कांस्टेबल रामू गोला शामिल हैं।
इसके साथ ही 25 अधिकारियों को 'मेरिटोरियस सर्विस' के लिए पुलिस मेडल दिया जाएगा। इस सूची में साल 2007 बैच के IPS अधिकारी और CBI संयुक्त निदेशक सी वेंकट सुब्बा रेड्डी और उनके बैचमेट सदानंद सकारराव दाते भी शामिल हैं।
वहीं डिप्टी लीगल एडवाइजर मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस सुपर बैद्यनाथ सामल और कैलाश साहू और DSP रूबी चौधरी, मनीष कुमार उपाध्याय, अनमोल सचान, निशु कुशवाहा, अरिजीत सिन्हा जैसे अधिकारियों को भी उनके काम के लिए पहचान मिल रही है।