शिमला: आज स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक समग्र ‘सीनियर रेसिडेंसी पॉलिसी’ तैयार करेगी। यह नीति मेडिकल संस्थानों में मानव संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सीनियर रेसिडेंट पदों का न्यायसंगत विभाजन सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य ड्यूटी अधिकारी (GDOs) के लिए सीनियर रेसिडेंसी कोटा 50:50 की मौजूदा व्यवस्था से बढ़ाकर 66 प्रतिशत किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चंबा, नाहन, हमीरपुर और नेरचौक के मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त विषयों में MD और MS प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, जिससे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे और शैक्षणिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) और मास्टर ऑफ कीरुर्जिया (MCh) सुपर-स्पेशलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे ताकि विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से लैस ICUs स्थापित किए जाएंगे। रोगी सुविधा और सेवा वितरण बढ़ाने के लिए, राज्य सरकार 1,000 रोगी सहायक (रोगी मित्र) नियुक्त करेगी, जिनमें 500 मेडिकल कॉलेजों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात होंगे। हमीरपुर जिले से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसके लिए SOP तैयार किया जा चुका है। प्रारंभिक चरण में रोगी मित्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाएगा।
इसके अलावा, रोगी मित्रों को 70 वर्ष से ऊपर के मरीजों की मदद के लिए पायलट आधार पर तैनात किया जाएगा, जैसे कि चामियाना अस्पताल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज, टांडा और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमएस), शिमला। इन संस्थानों में विशेष रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। डेटा एंट्री ऑपरेटर्स विभिन्न ओपीडी में तैनात किए जाएंगे ताकि रोगी-संबंधित डेटा का व्यवस्थित रिकॉर्ड और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं को मजबूत करने के लिए नवाचारी उपाय और दीर्घकालिक रणनीतिक योजना लागू की जा रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश को देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार, आईटी और नवाचार और डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सचिव प्रियंका बसु इंगटी, विशेष सचिव स्वास्थ्य अश्वनी शर्मा, डायरेक्टर हेल्थ एजुकेशन राकेश शर्मा और दोनों विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।