नई दिल्ली: मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, एम्स दिल्ली ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से ‘आश्रय’ सुविधा को शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य उन मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित आश्रय, सुविधा और सम्मान प्रदान करना है, जो ओपीडी सेवाओं के लिए रातभर अस्पताल के बाहर इंतजार करने को मजबूर होते हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने बताया कि ‘आश्रय’ सुविधा अस्पतालों में भीड़ और रातभर लगने वाली लंबी कतारों की समस्या से निपटने के लिए शुरू की गई है, ताकि मरीजों को फुटपाथ या खुले परिसर में कठिन हालात में रात न बितानी पड़े। रात के समय अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक शटल बसों के जरिए इस सुविधा केंद्र तक पहुंचाया जाता है। वहां पहुंचने पर मरीजों को रिपोर्टिंग के क्रम के अनुसार टोकन नंबर दिया जाता है, जिसे अगले दिन ओपीडी पंजीकरण के दौरान भी मान्य रखा जाता है।
इस सुविधा के तहत मरीजों और उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन, साफ कंबल और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें और गरिमा बनी रहे। अगली सुबह मरीजों को फिर से इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से संबंधित ओपीडी तक पहुंचाया जाता है, जिससे बिना तनाव और अव्यवस्था के पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो सके। करीब 250 लोगों की क्षमता वाला यह केंद्र फिलहाल पूरी तरह से उपयोग में है, जिससे मरीजों के बीच इस सुविधा की भारी मांग साफ दिखाई देती है। इस पहल से मरीजों की असुविधा में कमी आई है और ओपीडी पंजीकरण क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ है।
भविष्य में स्थान और बढ़ती मांग के अनुसार इस सुविधा का विस्तार भी किया जा सकता है। एम्स के बयान में कहा गया कि करुणामय देखभाल, टिकाऊ परिवहन और सुव्यवस्थित मरीज प्रबंधन को जोड़ते हुए ‘आश्रय’ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो देशभर के अस्पतालों के लिए एक मिसाल बन सकता है।