छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले कई परिवारों के लिए समय पर और संपूर्ण कैंसर इलाज तक पहुंच का मतलब अक्सर लंबी यात्रा, भारी आर्थिक बोझ और इलाज में देरी होता है। पूर्वी भारत में इस दूरी को पाटने का काम कर रहे हैं दुर्गापुर स्थित सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ शुजात सैयद, जिन्होंने राजबांध स्थित गौरी देवी हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में ऑन्कोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले प्रथम पीढ़ी के डॉक्टर डॉ सैयद की यात्रा परिवार के त्याग, कड़ी मेहनत और शैक्षणिक उत्कृष्टता से आकार लेती है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके पिता ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिससे डॉ सैयद को चिकित्सा की पढ़ाई करने और कम संसाधनों वाले समुदायों की सेवा करने का उद्देश्य मिला।
डॉ शुजात सैयद ने बैंगलोर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया, इसके बाद मुंबई के एलटीएमएमसी और सायन अस्पताल से जनरल सर्जरी में एमएस की डिग्री प्राप्त की। आगे चलकर उन्होंने जयपुर के बीएमसीएचआरसी से सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन किया। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में मिली इस कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें जटिल कैंसर मामलों को तकनीकी दक्षता और सटीक क्लिनिकल निर्णय के साथ संभालने में सक्षम बनाया।
दुर्गापुर में ऑन्कोलॉजी सेवाओं का विस्तार
2023 में डॉ शुजात सैयद ने गौरी देवी हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के ऑन्कोलॉजी विभाग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्थापना के बाद से यह विभाग हजारों मरीजों को जांच और इलाज उपलब्ध करा चुका है, जिन्हें अन्यथा महानगरों का रुख करना पड़ता। विभाग में वर्तमान में मैमोग्राफी, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे कैंसर की शुरुआती पहचान और सही स्टेजिंग संभव हो पाती है। इलाज के स्तर पर जटिल ऑनको सर्जरी और विशेषज्ञ निगरानी में कीमोथेरेपी की सुविधाएं दी जा रही हैं।
रेडिएशन थैरेपी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अस्पताल में रेडियोथेरेपी मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे मरीजों को जिले से बाहर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही पीईटी-सीटी स्कैन सुविधा सहित न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की स्थापना की भी योजना है, जिससे जांच और इलाज की सटीकता और बढ़ेगी।
जीवन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
डॉ सैयद की चिकित्सा पद्धति की खासियत केवल जीवन बचाने तक सीमित नहीं है बल्कि इलाज के दौरान और उसके बाद मरीज की जीवन गुणवत्ता सुधारने पर भी केंद्रित है। कैंसर का इलाज शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में उनकी कार्यशैली में सर्जिकल दक्षता के साथ-साथ रोगी-केंद्रित देखभाल, काउंसलिंग और दीर्घकालिक फॉलो-अप शामिल है। कम और मध्यम आय वर्ग के मरीजों के लिए इलाज की लागत और पहुंच बड़ी चिंता होती है। स्थानीय स्तर पर समग्र सेवाएं उपलब्ध होने से यात्रा खर्च, ठहरने का खर्च और इलाज में देरी कम होती है, जिससे उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।
एक समग्र कैंसर केंद्र की ओर
जांच, सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने की दिशा में गौरी देवी हॉस्पिटल तेजी से आगे बढ़ रहा है। चेयरमैन आर एन मजूमदार, वाइस चेयरमैन राहुल मजूमदार और एडमिनिस्ट्रेटर पॉलोमी मजूमदार के नेतृत्व में अस्पताल पूर्वी भारत के लिए एक समग्र कैंसर केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। दुर्गापुर, पानागढ़, उखड़ा, इलामबाजार, आसनसोल, बांकीपुर और बीरभूम जैसे क्षेत्रों के लोगों के लिए यह विकास केवल चिकित्सा प्रगति नहीं बल्कि यह भरोसा है कि गुणवत्तापूर्ण कैंसर इलाज अब उनके घर के पास उपलब्ध है।
डॉ शुजात सैयद का कार्य यह दर्शाता है कि जब विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय प्रतिबद्धता से जुड़ती हैं, तो वे पूरे समुदाय के लिए आशा, गरिमा और समय पर इलाज का माध्यम बन सकती हैं।