🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

ट्रंप ने 20 और देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया, इस वर्ष घोषित प्रतिबंधों से प्रभावित देशों की संख्या दोगुनी हुई

जिन लोगों के पास पहले से वैध वीज़ा है, जो अमेरिका के स्थायी कानूनी निवासी हैं या जिनके पास राजनयिकों, खिलाड़ियों जैसी विशेष वीज़ा श्रेणियाँ हैं अथवा जिनका अमेरिका में प्रवेश राष्ट्रीय हित में माना जाता है-उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। अधिसूचना के अनुसार ये बदलाव 1 जनवरी से लागू होंगे।

By डॉ. अभिज्ञात

Dec 17, 2025 15:12 IST

वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को घोषणा की कि वह यात्रा प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाकर 20 अतिरिक्त देशों और फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पैलेस्टाइन अथॉरिटी) को शामिल कर रहा है। इससे इस वर्ष की शुरुआत में घोषित व्यापक प्रतिबंधों से प्रभावित देशों की संख्या दोगुनी हो गई है, जिनके नागरिकों के अमेरिका की यात्रा करने या वहाँ प्रवास करने पर सीमाएँ लागू होंगी। ट्रंप प्रशासन ने पाँच और देशों को उन देशों की सूची में जोड़ा है, जिनके नागरिकों पर अमेरिका की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज़ों पर यात्रा करने वाले लोगों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, 15 अन्य देशों पर नए आंशिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

यह कदम अमेरिका में यात्रा और आव्रजन के लिए प्रवेश मानकों को और सख्त करने के प्रशासन के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। प्रशासन ने संकेत दिया था कि थैंक्सगिविंग सप्ताहांत के दौरान दो नेशनल गार्ड जवानों पर गोलीबारी के अभियुक्त एक अफगान नागरिक की गिरफ्तारी के बाद वह प्रतिबंधों का विस्तार करेगा। जिन लोगों के पास पहले से वैध वीज़ा है, जो अमेरिका के स्थायी कानूनी निवासी हैं या जिनके पास राजनयिकों, खिलाड़ियों जैसी विशेष वीज़ा श्रेणियाँ हैं अथवा जिनका अमेरिका में प्रवेश राष्ट्रीय हित में माना जाता है-उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। अधिसूचना के अनुसार ये बदलाव 1 जनवरी से लागू होंगे।

प्रशासन ने कहा कि जिन कई देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गए हैं, वहाँ “व्यापक भ्रष्टाचार, धोखाधड़ीपूर्ण या अविश्वसनीय नागरिक दस्तावेज़ और आपराधिक रिकॉर्ड” पाए जाते हैं, जिससे उनके नागरिकों की पृष्ठभूमि जाँच करना कठिन हो जाता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि कुछ देशों में वीज़ा अवधि से अधिक समय तक रुकने वालों की दर अधिक है। वे अमेरिका द्वारा निर्वासन के लिए भेजे जाने वाले अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार करते हैं या वहाँ “स्थिरता और सरकारी नियंत्रण की सामान्य कमी” है, जिससे जाँच प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस कदम के पीछे आव्रजन प्रवर्तन, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का भी हवाला दिया गया।

जून में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका आने से प्रतिबंधित किया जाएगा और सात अन्य देशों के नागरिकों पर सीमित प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह निर्णय उनके पहले कार्यकाल की एक प्रमुख नीति की पुनरावृत्ति था। उस समय प्रतिबंधित देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल थे। वहीं बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।

मंगलवार को रिपब्लिकन प्रशासन ने घोषणा की कि जिन देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध होगा, उनकी सूची में अब बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को भी जोड़ा जा रहा है। साथ ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज़ों पर पूरी तरह यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है, जो फिलिस्तीनियों के खिलाफ अमेरिका का नवीनतम यात्रा प्रतिबंध है। दक्षिण सूडान पहले से ही कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा था। इसके अतिरिक्त, 15 देशों को आंशिक प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया गया है। ये देश हैं-अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, आइवरी कोस्ट, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंज़ानिया, टोंगा, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे। ये प्रतिबंध अमेरिका की यात्रा करने वाले आगंतुकों और वहाँ स्थायी रूप से प्रवास करने के इच्छुक लोगों पर लागू होंगे।

Prev Article
बॉन्डी बीच आतंकी हमलाः अभियुक्त पर 15 हत्याओं सहित 59 आरोप, दोनों हमलावर बाप-बेटे एक माह फिलीपींस में रहे थे

Articles you may like: