'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के जिस भोलारी एयर बेस को तबाह कर दिया था। शहबाज शरीफ की सरकार ने उस बेस को फिर से बनाना शुरू कर दिया है। भारत के इस हमले में सेना के अधिकारी समेत 6 पाकिस्तानी एयरफोर्स के जवान मारे गए थे। यह तस्वीर वैंटोर सैटेलाइट इमेज में कैद हुई थी। ध्यान देने वाली बात यह है कि भोलारी पर हमले के बाद ही पाकिस्तान युद्धविराम पर बातचीत के लिए तैयार हुआ था।
भारतीय सेना का दावा था कि भोलारी एयरबेस पर एक पाकिस्तानी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) एयरक्राफ्ट SAAB 2000 'एरीये' तैनात था। यह शायद उनके हमले में नष्ट हो गया था। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
सैटेलाइट चित्र से ली गई चार अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। पहली 27 अप्रैल 2025 की है। इसमें दिखाया गया है कि भोलारी एयरबेस सही-सलामत है। अगली तस्वीर 11 मई की है। पूरा एयरबेस खंडहर में तब्दील हो गया है। छत पर किसी भारी चीज के गिरने के निशान स्पष्ट नजर आ रहे हैं। 2 जून की तस्वीर में एयरबेस की मरम्मत होती दिख रही है। आखिरी तस्वीर इसी साल 28 जनवरी की है। इसमें दिखाया गया है कि पाकिस्तान एयरबेस की छत को फिर से बना रहा है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय समेत 26 बेगुनाह पर्यटकों की मौत के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया गया था। इसमें एयर फोर्स ने पाकिस्तान में 9 आतंकी कैंप तबाह कर दिए थे। साथ ही नूर खान, मुरीदके रहीम यार खान समेत कई एयर बेस पर भी हमला किया गया था।
सेना के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना ने 10 मई को सुबह करीब 12 बजे भोलारी एयर बेस पर हमला किया था। हालांकि यह पता नहीं चल पाया है कि किस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। सेना के विशेषज्ञों का मानना है कि भोलारी को राफेल से दागी गई स्कैल्प मिसाइल से तबाह किया गया था।
इसके बाद पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन किया। वहां उन्होंने युद्धविराम का अनुरोध किया। इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने मुरीदके, सुक्कुर और नूर खान के एयरबेस की मरम्मत शुरू कर दी थी। वह तस्वीर भी सामने आ गई है। इस बार भोलारी भी उस सूची में जुड़ गया है।