बीजिंगः चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले शीर्ष जनरल झांग योउक्सिया को पद से हटा दिया गया है। उनके साथ वरिष्ठ जनरल लियू झेनली को भी जांच के दायरे में लाया गया है। यह कार्रवाई 24 जनवरी को की गई, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सेना के भीतर राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद PLA की आधिकारिक पत्रिका PLA Daily ने माना है कि सेना पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) का पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अखबार ने लिखा कि सेना के राजनीतिक चरित्र में क्षरण एक वास्तविक समस्या है और भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना अब भी एक कठिन कार्य बना हुआ है।
जनरल झांग योउक्सिया पर भ्रष्टाचार के अलावा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने अधिकारियों की पदोन्नति के बदले रिश्वत ली और चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ी संवेदनशील जानकारी अमेरिकी पक्ष को साझा की। इन आरोपों ने सभी को चौंका दिया क्योंकि झांग लंबे समय तक शी जिनपिंग के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और दो रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोपों पर हटाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इस ताजा कार्रवाई के बाद PLA के शीर्ष सैन्य निकाय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) की स्थिति भी बदल गई है। छह सदस्यों वाली यह संस्था अब केवल दो सदस्यों तक सिमट गई है-खुद शी जिनपिंग और जनरल झांग शेंगमिन। इससे सेना पर राष्ट्रपति शी का सीधा और मजबूत नियंत्रण और स्पष्ट हो गया है।
PLA Daily ने अपने संपादकीय में कहा कि सेना में चल रही यह राजनीतिक शुद्धिकरण मुहिम जरूरी है ताकि लड़ाकू क्षमता पर पड़े नकारात्मक असर को खत्म किया जा सके। अखबार ने यह भी साफ किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं बढ़ रही क्योंकि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, बल्कि इसलिए क्योंकि जांच गहरी होती जा रही है और सच सामने आ रहा है।
शी जिनपिंग सत्ता में आने के बाद से लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि “पार्टी ही बंदूक चलाती है।” उन्होंने सेना को बार-बार याद दिलाया है कि PLA को पूरी तरह कम्युनिस्ट पार्टी और नागरिक नेतृत्व के अधीन रहकर काम करना होगा। पार्टी नेतृत्व को चुनौती देना चीन की सैन्य व्यवस्था में बेहद गंभीर अपराध माना जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि यह संदेश भी है कि सेना में कोई भी अधिकारी, चाहे वह कितना ही ताकतवर या करीबी क्यों न हो, पार्टी के नियंत्रण से ऊपर नहीं है। झांग योउक्सिया की बर्खास्तगी से साफ हो गया है कि चीन की सेना में अनुशासन, राजनीतिक वफादारी और केंद्रीकृत नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।