कराचीः पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 12 अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों पर किए गए हमलों के बाद कम से कम 70 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में से कुछ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़े थे।
सुरक्षा बलों के सूत्रों ने आतंकवादियों की मौत का आंकड़ा 108 बताया है, हालांकि बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने ट्वीट कर कहा कि अब तक 70 आतंकवादी मारे गए हैं और शुक्रवार रात शुरू हुए अभियान शनिवार शाम तक जारी हैं। एक केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीएलए से जुड़े आतंकवादियों ने ग्वादर में आम नागरिकों की हत्या की। इन अभियानों के दौरान 10 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। यह अभियान ऐसे समय में चलाए गए, जब इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को प्रांत के पंजगुर और हरनाई इलाकों में दो अलग-अलग आतंकवाद-रोधी कार्रवाइयों में 41 आतंकवादी मारे गए थे।
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि हमले क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन और नसीराबाद सहित कई स्थानों पर किए गए। शुक्रवार से शनिवार रात के बीच अलग-अलग स्थानों पर पुलिस, फ्रंटियर कॉर्प्स और नागरिकों को निशाना बनाया गया।
केंद्रीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने जियो न्यूज़ चैनल पर पुष्टि की कि अभियानों में 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के हमलों के समय सुरक्षाबल सतर्क थे और उन्होंने इन हमलों को नाकाम बनाते हुए आतंकियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। तरार ने बताया कि ग्वादर में बीएलए से जुड़े आतंकवादियों ने एक महिला और तीन बच्चों सहित पाँच लोगों के एक परिवार की हत्या कर दी। शाहिद रिंद ने कहा कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और बाद में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वे केवल उग्रवादी संगठनों से जुड़े थे या उनमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सदस्य भी शामिल थे।
केंद्रीय गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा कि आतंकवादियों द्वारा किए गए सभी हमलों को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इन हमलों में 10 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के जवान मारे गए। आतंकवादियों ने नसीराबाद ज़िले में रेलवे ट्रैक पर बड़ी मात्रा में विस्फोटक लगाए थे, जिन्हें बाद में बम निरोधक दस्ते ने हटा दिया।
इससे पहले शुक्रवार को सेना और अधिकारियों ने बताया था कि तीन अलग-अलग प्रांतों में हुए अभियानों में कुल 52 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से अधिकांश तालिबान से जुड़े थे। शुक्रवार तड़के पंजाब प्रांत में छह आतंकवादी मारे गए, जबकि गुरुवार को बलूचिस्तान में दो खुफिया-आधारित अभियानों में 41 आतंकवादी और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के पाँच आतंकवादी, जिनमें एक कमांडर भी शामिल था। हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में हिंसा में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है। थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के जनवरी के पहले सप्ताह में जारी आंकड़ों के अनुसार, बलूचिस्तान में मौतों की संख्या 787 से बढ़कर 956 हो गई यानी 169 अतिरिक्त मौतें पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत अधिक हैं। इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज़ के अनुसार, वर्ष 2025 में आतंकवादी हमलों और हिंसा में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पूरे देश में उस वर्ष कुल 699 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए।