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मुर्गी के आहार की कीमत बढ़ गई, लेकिन अंडों की कीमत अभी भी 8-9 रुपये ही है

सस्ते प्रोटीन के इस प्रमुख स्रोत की कीमत कब कम होगी, यह भी सुनिश्चित नहीं है।

By Author by:श्यामगोपाल राय, posted by: राखी मल्लिक

Jan 08, 2026 13:07 IST

कोलकाता : कोलकाता में केक का मौसम सामान्य रूप से समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद अंडों की कीमतों में गिरावट का कोई संकेत नहीं है। कोलकाता में अब एक अंडे की कीमत औसतन 8 से साढ़े 8 रुपये है। न्यू टाउन–सॉल्टलेक इलाके में यह कीमत साढ़े 8 से 9 रुपये तक पहुँच गई है।

अन्य वर्षों में दिसंबर के शुरुआत से मध्य तक अंडों की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन बाद में कम हो जाती हैं। लेकिन इस बार जनवरी के पहले सप्ताह बीतते-बीतते भी ऐसा कोई संकेत नहीं है। उल्टे, दो महीने पहले अंडों की कीमत औसतन 6–साढ़े 6 रुपये के बीच थी लेकिन अब वही कीमत भी खरीदने पर मध्यम वर्ग की जेब पर दबाव पड़ रहा है। सस्ते प्रोटीन के इस प्रमुख स्रोत की कीमत कब कम होगी यह भी सुनिश्चित नहीं है।

क्यों बढ़ी कीमत? मुख्य कारणों में से एक है, मुर्गियों के खाने में बढ़ती लागत। व्यापारियों के अनुसार, सर्दियों में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए मुर्गियों को अन्य समय की तुलना में 25–50 प्रतिशत अधिक भोजन देना पड़ता है। इससे कीमत बढ़ती है और उत्पादन लागत भी बढ़ जाती है। इसके अलावा, सर्दियों में पूरे देश में अंडों की मांग बढ़ जाती है और आंध्र प्रदेश से बंगाल में आने वाले अंडों की मात्रा कम होने के कारण राज्य के बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।

‘वेस्ट बंगाल पोल्ट्री फेडरेशन’ के महासचिव मदनमोहन मैति कहते हैं कि मुर्गियों के खाने का मुख्य घटक मक्का है। उसकी कीमत असामान्य रूप से बढ़ गई है। पहले जहां 14 रुपये में 1 किलोग्राम मक्का मिलता था, अब वह लगभग 24 रुपये हो गया है। देश में इथेनॉल फैक्ट्रियों में मक्के का इस्तेमाल बढ़ने के कारण इसकी आपूर्ति कम हो गई है। इसके अलावा सोयाबीन, गेहूं समेत मुर्गियों के खाने के अन्य घटक विदेशों में निर्यात हो रहे हैं। कुल मिलाकर प्रत्येक अंडे के उत्पादन में 85 से 95 पैसे का खर्च बढ़ गया है।

उत्तर 24 परगना के एक पोल्ट्री फार्म के मालिक मलय चौधरी के अनुसार सोयाबीन के छिलके की कीमत किलोग्राम पर 30–32 रुपये से बढ़कर 37–40 रुपये हो गई है। गुजरात और राजस्थान से आने वाले बादाम के छिलकों की कीमत भी बढ़ गई है। यही स्थिति पैदा हुई है। कीमत कब कम होगी?

व्यापारियों के अनुसार कुछ समय बाद धीरे-धीरे कीमतें कम हो सकती हैं, लेकिन इस महीने इसकी संभावना कम है। फिलहाल आम जनता के हित में पोल्ट्री फेडरेशन खुदरा व्यापारियों से मुनाफा कम रखने का आग्रह कर रहा है।

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