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डिजिटल इंडिया में महिलाओं का दबदबा: तकनीकी और सेवा क्षेत्रों में कर रही प्रवेश

मोबाइल रिपेयरिंग, अकाउंटिंग और नर्सिंग जैसी पारंपरिक पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में महिलाएं बना रही पहचान।

By श्वेता सिंह

Jan 08, 2026 20:27 IST

नई दिल्लीः भारत में महिला उद्यमियों का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। UK की प्रमुख बिजनेस मैनेजमेंट प्लेटफार्म Tide की नई रिपोर्ट के अनुसार, 27 से 31 वर्ष की आयु वर्ग की युवा महिलाएं टियर 2 और टियर 3 शहरों से उन क्षेत्रों में उद्यमिता कर रही हैं जिन्हें परंपरागत रूप से पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। इसमें मोबाइल और कंप्यूटर रिपेयर, अकाउंटिंग और टैक्स सेवाएं जैसी पेशेवर और तकनीकी सेवाएं शामिल हैं।

Tide की भारत में सदस्यता में महिलाओं का हिस्सा अब 18.7% है, जिनकी संख्या 1,80,000 से अधिक है। रिपोर्ट से पता चलता है कि महिला उद्यमिता का यह रुझान केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। गुलहरिया (उत्तर प्रदेश), हरनुल (महाराष्ट्र), बिसरख (उत्तर प्रदेश) और इंदौर (मध्य प्रदेश) जैसे छोटे शहरों में महिलाएं अपने कौशल और सेवा आधारित व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से औपचारिक रूप दे रही हैं।

महिलाएं पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ रही हैं

जहां पहले टेलरिंग और ब्यूटी सेवाएं मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा संचालित होती थीं। Tide का डेटा बताता है कि महिलाएं अब: मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर रिपेयर में सक्रिय हैं। खासकर पश्चिम बंगाल और टियर 2 शहरों में अकाउंटिंग और टैक्स सेवाओं में औपचारिक वित्तीय और कंप्लायंस रोल निभा रही हैं। नर्सिंग और पर्सनल केयर सेवाओं में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। सिलाई मशीन और माइक्रो-निर्माण व्यवसाय डिजिटल पेमेंट्स और अकाउंटिंग टूल्स के माध्यम से व्यवस्थित हो रहे हैं।

Tide इंडिया के CEO गुर्जोधपाल सिंह कहते हैं, “महिलाओं का यह कदम रूढ़ियों को तोड़ रहा है – चाहे वह डिवाइस रिपेयरिंग हो, अकाउंटिंग सेवाएं या नर्सिंग आधारित व्यवसाय। डिजिटल पारंगतता और आत्मनिर्भरता की यह पीढ़ी व्यवसाय को अपने हाथ में लेने के लिए तैयार है।”

डिजिटल औपचारिकी और व्यवसाय की औपचारिकता

रिपोर्ट बताती है कि मार्च से नवंबर 2025 के बीच महिला उद्यमियों की संख्या में 111% की वृद्धि हुई है। डिजिटल भुगतान, QR कोड आधारित पेमेंट और बिल प्रबंधन ने महिलाओं को व्यवसाय को औपचारिक बनाने, नकद निर्भरता कम करने और वित्तीय उत्पादों तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद की है।

Tide प्लेटफॉर्म पर महिलाएं मुख्य उपयोगकर्ता

महिला उद्यमियों के लिए सबसे उपयोगी उत्पाद हैं:

डेबिट सर्विसेज – व्यवसायिक खर्चों का प्रबंधन और रियल-टाइम ट्रैकिंग

बिल पेमेंट्स – नियमित खर्च और सप्लायर भुगतान में आसान डिजिटल प्रबंधन

QR कोड पेमेंट्स – त्वरित, सुरक्षित और नकद-मुक्त भुगतान

Tide का लक्ष्य 2027 तक 5 लाख महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय शुरू करने और चलाने में मदद करना है। इस डेटा से स्पष्ट है कि भारत में महिला उद्यमिता सिर्फ बढ़ रही नहीं है बल्कि पुरुषों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में पैर जमा रही है।वे डिजिटल और औपचारिक व्यवसाय मॉडल को अपना रही हैं। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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