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भारत-जमैका संबंधों को नई रफ्तार, जयशंकर की ऐतिहासिक यात्रा में तीन अहम समझौते

स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और मीडिया सहयोग पर MOU, द्विपक्षीय रिश्तों को मिला नया आयाम

By डॉ. अभिज्ञात

May 05, 2026 19:50 IST

किंग्स्टन (जमैका) : भारत और जमैका के बीच संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक पहल के तहत विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 2 से 4 मई 2026 के बीच जमैका की ऐतिहासिक यात्रा पूरी की। यह किसी भारतीय विदेश मंत्री की इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा रही, जिसने पारंपरिक रिश्तों को आधुनिक और परिणाम-उन्मुख सहयोग में बदलने की दिशा तय की।

इस दौरे के दौरान डॉ. एंड्रयू होलनेस और विदेश मंत्री कामीना जॉनसन स्मिथ के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। इन चर्चाओं में दोनों देशों के बीच सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाशे गए।

वार्ताओं के परिणामस्वरूप तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा ढांचे और विशेषज्ञता को मजबूत करना, नवीकरणीय ऊर्जा के तहत ‘ह्यू लॉसन शियरर बिल्डिंग’ का सौर ऊर्जा से सुसज्जित करना, तथा मीडिया और प्रसारण सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों ने डिजिटल परिवर्तन, संस्कृति, खेल और डिजिटल भुगतान से जुड़े पहले से लागू समझौतों की प्रगति की भी समीक्षा की और इनके ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने ‘इम्प्रूविंग रूरल लाइवलीहुड्स’ परियोजना के सफल समापन और हस्तांतरण का भी स्वागत किया, जो खाद्य एवं कृषि संगठन के सहयोग से किटसन टाउन में लागू की गई थी और इससे 200 से अधिक जमैकावासियों को सीधा लाभ मिला।

भारत ने तूफान मेलिसा के बाद जमैका के पुनर्वास प्रयासों में सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान भारत ने 10 ‘भीष्म’ आपातकालीन चिकित्सा इकाइयाँ सौंपीं और 30 डायलिसिस मशीनें देने की घोषणा की। साथ ही 40 मोटरयुक्त मछली पकड़ने वाली नौकाएं, 200 जीपीएस उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री देने की भी बात कही गई। इसके अलावा भारत-कैरिकॉम साझेदारी के तहत जमैका में कारीगर सशक्तीकरण केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

दोनों देशों ने स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, डिजिटलीकरण, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत ने आईटीईसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सीटों को 6 से बढ़ाकर 34 करने की घोषणा की, जिसमें रक्षा प्रशिक्षण भी शामिल है। साथ ही भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्तियों और ‘ई-विद्याभारती’ तथा ‘आईगॉट कर्मयोगी’ जैसे डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और कुशल पेशेवरों की आवाजाही को भी बढ़ावा देने पर सहमति जताई।

बयान में यह भी बताया गया कि दोनों देशों ने वैश्विक मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने का संकल्प दोहराया, जिसमें ग्लोबल साउथ, जलवायु न्याय, जलवायु वित्त और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए जमैका का आभार जताया। साथ ही दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता दोहराई।

इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने ओल्ड हार्बर स्थित ‘इंडियन अराइवल मेमोरियल’ का दौरा किया और प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ मिलकर सबीना पार्क में भारत द्वारा भेंट किए गए इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड का अनावरण किया। उन्होंने 10 मई 2026 को ‘इंडिया अराइवल डे’ के आयोजन के लिए 20 लाख जमैकन डॉलर की सहायता की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने व्यापारिक समुदाय, भारतीय मूल के लोगों से संवाद किया और वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में एक सार्वजनिक चर्चा में भाग लिया।

विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-जमैका संबंधों को नई मजबूती देने और द्विपक्षीय व क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

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